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132 साल पुराना डूरंड लाइन विवाद: क्या है पाकिस्तान-अफगानिस्तान के हालिया तनाव की मुख्य वजह? 10 बड़ी बातें

Fri, 27 Feb 2026 09:59 AM IST
Love Gaur वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Durand Line Dispute: 132 साल पुराना डूरंड लाइन विवाद क्या है और क्या यह ही हालिया पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव की जड़ है।

ऐसे में जानिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा विवाद क्या है? जिसको लेकर दोनों देश एक -दूसरे के खिलाफ खुली जंग में उतर आए हैं। साथ ही पढ़ें PAK के ऑपरेशन 'गजब-लिल-हक' से जुड़ी अहम बातें....
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क्या है डूरंड सीमा विवाद? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच गुरुवार को सीमा विवाद बढ़ने के बाद जंग शुरू हो चुकी है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन 'गजब-लिल-हक' शुरू किया, जिसमें काबुल, पक्तिया और कंधार जैसे शहरों में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इससे पहले अफगानिस्तान में तालिबान प्रशासन ने दावा किया था कि उसने बड़े पैमाने पर हवाई हमलों में 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और  19 पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा कर लिया है।
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गुरुवार को इससे पहले तालिबान बलों ने दोनों देशों के बीच सीमा पर स्थित डूरंड लाइन के साथ तैनात पाकिस्तानी सैनिकों पर हमला किया था, जिसे उन्होंने पहले हुए घातक हमलों का प्रतिशोध बताया था। डूरंड रेखा एक विवादास्पद सीमा बनी हुई है, क्योंकि अफगानिस्तान ने इसे कभी भी औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है।

ऐसे में जानिए आखिर क्या है पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा विवाद? जिसको लेकर दोनों देश एक दूसरे के खिलाफ खुली जंग में उतर आए हैं। साथ ही पढ़ें ऑपरेशन 'गजब-लिल-हक' से जुड़ी 10 अहम बातें...
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क्या है सीमा विवाद?
दरअसल, ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान खींची गई विवादित सीमा रेखा 'डूरंड लाइन' समय-समय पर दोनों देशों के बीच गोलीबारी और राजनयिक तनाव का केंद्र बनी हुई है। डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद जारी है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले और आतंकियों को छिपाने का आरोप लगाते रहते हैं। 2021 में अफगानिस्तान हुकूमत पर तालिबान के नियंत्रण के बाद से तनाव और बढ़ गया है।

औपनिवेशिक डूरंड रेखा आज भी पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच शत्रुता को बढ़ावा दे रही है। 1893 में ब्रिटिश भारत और अफगानिस्तान के बीच सीमा के रूप में खींची गई डूरंड रेखा, पश्तून जातीय क्षेत्रों को दो भागों में बांटती है। अफगानिस्तान ने इसे कभी मान्यता नहीं दी, क्योंकि वह इसे मनमाना थोपा हुआ मानता था। इस दुर्गम भूभाग से होकर गुजरने वाली करीब 2400 किलोमीटर लंबी यह रेखा लंबे समय से उग्रवादियों, नशीले पदार्थों और शरणार्थियों की तस्करी का मार्ग रही है, और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर घुसपैठ का आरोप लगाते रहे हैं।

पाकिस्तान द्वारा हाल ही में की गई बाड़बंदी (जिसका 90% से अधिक काम 2025 के मध्य तक पूरा हो चुका था) ने झड़पों को जन्म दिया है, क्योंकि तालिबान के रक्षक इस्लामाबाद द्वारा क्षेत्रीय अतिक्रमण का दावा करते हुए बाड़ों को हटा रहे हैं।

डूरंड लाइन 132 साल पुराना विवाद 
बता दें कि ब्रिटिश भारत और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन समझौता 1893 में हुआ था।  डूरंड लाइन अफगानिस्तान के पख्तून समुदाय को दो देशों में बांटती है। अफगानिस्तान हमेशा से इसके विरोध में रहा है। उसने कभी इस डूरंड लाइन समझौता को मान्य नहीं किया। डूरंड लाइन की लंबाई 2430 किमी है, जो कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के कबायली क्षेत्र से गुजरती है। अफगानिस्तान की मौजूदा सरकार तालिबान इसे मानता नहीं है। साथ ही इस समझौते को खत्म करने की मांग उठाता रहा है।

बता दें कि डूरंड लाइन का नाम ब्रिटिश भारत के विदेश सचिव सर हेनरी मोर्टिमर डूरंड के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने अफगानिस्तान के अमीर अब्दुर रहमान खान के साथ समझौता किया था। मालूम हो कि यह विवादित लाइन का पश्चिमी सिरा ईरानी सीमा से लगता है, जबकि पूर्वी सिरा चीन की सीमा से सटा है। दरअसल, रूस के दक्षिण की ओर बढ़ते आहत को रोकने के लिए ब्रिटेन ने 1839 में अफगानिस्तान पर हमला किया था, जिसमें ब्रिटिश सेना को हार झेलनी पड़ी।

क्या है हालिया तनाव की मुख्य वजह?
हालांकि हमेशा से ही दोनों देशों के बीच सीमा विवाद तनाव का विषय रहा है, लेकिन हालिया विवाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को लेकर है। दरअसल, पाकिस्तान बीते कई वर्षों से से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से प्रतिबंधित टीटीपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग रह है। हाल के समय में यह मांग और तेज हो गई है। जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हालांकि इस तनाव को कम करने के लिए शांति वार्ता और समझौता भी हुआ था, लेकिन संघर्ष खत्म होने के आसार नजर आ रहे हैं।





वहीं अब पाकिस्तान पर तालिबान के हमले के बाद खुली जंग का एलान हो चुका है। पाकिस्तान की तरफ से काबुल और कंधार पर बमबारी की गई। पाकिस्तान ने ऑपरेशन 'गजब-लिल-हक' में 133 की मौत का दावा किया है। वहीं अफगानिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। अफगान सैनिकों ने सीमा पर हमले तेज कर दिए हैं।
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पढ़िए पाकिस्तान के हालिया ऑपरेशन की बड़ी बातें
  • काबुल में कम से कम तीन विस्फोटों की आवाज सुनी गई, हालांकि लक्षित स्थानों या संभावित हताहतों के बारे में अभी जानकारी नहीं 
  • तालिबान सरकार ने पाकिस्तानी हवाई हमलों की पुष्टि की, प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि कोई हताहत नहीं हुआ।
  • इस्लामाबाद ने दावा किया कि उसके रात भर चले हमलों में 133 अफगान नागरिक मारे गए।
  • इसके बाद अफगानिस्तान ने सीमा पर  'बड़े पैमाने पर आक्रामक अभियान' की घोषणा की
  • अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि जमीनी हमले में उसके आठ सैनिक मारे गए।
  • अफगानिस्तान के एक अधिकारी ने बताया कि तोरखम सीमा चौकी के पास, पाकिस्तान से लौट रहे लोगों के शिविर में कई नागरिक घायल हो गए।
  • पाकिस्तान पीएम के प्रवक्ता ने 133 अफगान लड़कों की मौत की पुष्टि की।
  • तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने इस्लामाबाद के दावों को खारिज किया।
  • पाकिस्तानी सेना के लड़ाकू विमान अफगान के कंधार इलाके में गश्त कर रहे। 

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