जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) फ्रेमवर्क कन्वेंशन (कॉप-29) के पक्षकारों का 29वां सम्मेलन सोमवार 11 नवंबर से 22 नवंबर तक अजरबैजान के बाकू में चलेगा। इस वर्ष के संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन के मेजबान अजरबैजान ने सोमवार को सभी देशों से लंबित मुद्दों को तत्काल सुलझाने की अपील की। उनकी ओर से विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद करने के लिए एक नए जलवायु वित्त लक्ष्य पर सहमत होने का आह्वान किया गया। संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में अपना भाषण देते हुए COP29 के अध्यक्ष मुख्तार बाबायेव ने कहा कि वर्तमान नीतियां दुनिया को 3 डिग्री सेल्सियस तापमान वृद्धि की ओर ले जा रही हैं, जो अरबों लोगों के लिए विनाशकारी होगा।
अभी तक क्या तय हुआ...
यूके ग्लासगो में 2021 में आयोजित कॉप-26 सम्मेलन में देशों ने कार्बन क्रेडिट के व्यापार के लिए सामान्य नियमों पर सहमति जताई थी। इसके बाद 2022 के कॉप-27 को लेकर यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा था कि सभी देशों को जलवायु संकट के लिए अतिरिक्त कोशिश करने की जरूरत है। दुबई में 2023 कॉप-28 में दो हफ्ते की बातचीत के बाद भी दुनिया के देश उन जरूरी नियमों पर रजामंद नहीं हो पाए जो एक केंद्रीय प्रणाली स्थापित करने और सीधे व्यापार करने वाले देशों के लिए स्पष्ट नियम बनाने के लिए जरूरी है।
मुख्य मुद्दा...क्या होंगे फैसले
कॉप- 29 में मुख्य मुद्दा देशों के कार्बन क्रेडिट को खरीदने और बेचने का है, इसके लिए जल्द अनुच्छेद 6 पर रजामंद होने पर फोकस रहेगा।
स्वैच्छिक कार्बन बाजार...
स्वैच्छिक कार्बन बाजार सिस्टम में कानूनी तौर से उत्सर्जन को कम करने के लिए बाध्य न होने वाली कंपनियां भी कार्बन क्रेडिट खरीद सकती हैं ताकि वे अपने जलवायु लक्ष्यों को पूरा कर सकें। 2022 में इस बाजार का वैश्विक मूल्य 2 अरब डॉलर था। बीते साल यह घटकर 723 मिलियन डॉलर रह गया। जहां कार्बन प्रोजेक्ट्स यूएन के पेरिस समझौता सिस्टम से जुड़ते हैं, तो इससे बाजार में भरोसा बढ़ सकता है। यूएन से मंजूरी मिलने के बाद इन क्रेडिट्स को यूएन सिस्टम में या स्वैच्छिक बाजार में बेचा जा सकेगा।