जर्मनी के शहर हेमबर्ग में सुपरमार्केट में चाकू से हमला करने वाले शख्स की पहचान एक कट्टरपंथी मुस्लिम के तौर पर हुई है जिसके बारे में लोग जानते थे। इस बारे में जानकारी देते हुए हेमबर्ग शहर के आंतरिक मामलों के मंत्री एंडी ग्रोट ने कहा, ''हमलावर की पहचान कट्टरपंथी मुस्लिम (इस्लामिस्ट) के तौर पर हुई है लेकिन वो जेहादी नहीं है। संदिग्ध को मानसिक तौर पर बीमार भी बताया जा रहा है।
सुपरमार्केट में रसोई के चाकू से किए हमले में एक शख्स की मौत और छह लोग घायल हुए थे। हमलावर का जन्म संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हुआ था। पुलिस ने कहा कि हमलावर ने इस घटना को अकेले अंजाम दिया। 26 साल के इस हमलावर का नाम अहमद ए को फलीस्तीनी बताया जा रहा है, जिसका नाम इस्लामिस्ट डाटाबेस में भी दर्ज है।
हमलावर साल 2015 में जर्मनी आया था लेकिन पहचान के पर्याप्त कागज न होने और मानिसक बीमारियों के चलते उसे डिपोर्ट नहीं किया गया था। हेमबर्ग के जिस पनाहगाह में ये संदिग्ध रह रहा था, पुलिस को वहां किए सर्च ऑपरेशन में उसके किसी चरमपंथी संगठन से जुड़े होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
पुलिस का कहना है कि शुक्रवार को ये हमलावर सुपरमार्केट में दाखिल हुआ। उसने वहां से 20 सेमी का चाकू उठाया। पुलिस प्रवक्ता कैथरीन हेन्निंग्स ने कहा, ''हमलावर ने चाकू की पैकेजिंग उतारी और वहीं खड़े 50 साल के शख्स पर हमला कर दिया। बाद में उसने सुपरमार्केट में ही खड़े दो अन्य लोगों पर हमला किया और वहां से फरार हो गया।''
हमले के बाद जर्मनी की चांसलर एजेंला मर्केल ने मृतकों के रिश्तेदारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दुख जताया और हमलावर को रोकने की कोशिश करने वाले लोगों की हिम्मत की सराहना की। मर्केल ने कहा, ''मैं पुलिस की कोशिशों और हमलावर का बहादुरी के सामने बहादुरी से खड़े होने वाले लोगों की शुक्रगुज़ार हूं।'' बीते कुछ महीनों में जर्मनी में लगातार कई हमले हुए हैं।
जर्मनी के आंतरिक मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक-
2016 में प्रवासियों और प्रवासी हॉस्टलों पर 3533 हमले हुए।
इन हमलों में 560 लोग घायल हुए जिनमें 43 बच्चे भी हैं।
घरों पर 988 हमले हुए (ये संख्या 2015 के मुकाबले कुछ कम है।