भारत और रूस के बीच इस साल के अंत तक एमआई-17 के 48 हेलिकॉप्टर के सौदे की उम्मीद की जा रही है। इसको लेकर भारत और रूस के बीच बातचीत चल रही है। इस मामले में रूसी हथियारों के सप्लायर रोसोबोरोन एक्सपोर्ट के सीईओ अलेक्जेंडर मिखीव ने कहा कि भारत के पास मौजूदा समय में एमआई-8 और एमआई-17 फैमिली के 300 हेलिकॉप्टर हैं।
भारत इसका इस्तेमाल सेना के डिप्लॉयमेंट, पैट्रोलिंग, सर्चिंग-रेस्क्यू और मिलिट्री ट्रांसपोर्ट के लिए करता है। भारत अपनी जरूरतों को अच्छी तरह जानता है। मिखीव ने रूस के एयर शो के दौरान कहा कि इस साल के अंत होने तक इसकी डील हो जाएगी।
बता दें कि पिछले साल रूस ने भारत को एक पुरानी डील के तहत 3 एमआई-17 वी5 हेलिकॉप्टर दिए थे। 2012-13 के दौरान ये डील हुई थी। हाई टेक्नोलॉजी से लैस इन चॉपर का इस्तेमाल मिलिट्री ट्रांसपोर्ट के लिए किया जाता है।
मालूम हो कि इससे पहले खबर थी कि भारत का सबसे करीबी माने जाने वाला रूस पाकिस्तान को रूस में निर्मित एमआई-171ई नॉन-कॉम्बेट हेलीकॉप्टर की डिलीवरी करेगा। एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि यह रूस की तरफ से इस साल पाकिस्तान को दिया जाने वाला दूसरा कनवर्टिबल हेलीकॉप्टर होगा।
एम-171ई सैन्य कार्गो हेलीकॉप्टर एमआई-17 जो पहले से ही पाकिस्तानी सेना का हिस्सा है। इस हेलीकॉप्टर का ऑर्डर पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत ने दिया था। इसका प्रयोग यात्री या माल ढोने, मेडिकल इमरजेंसी, राहत और बचाव अभियान में किया जाता है।
रूसी कंपनी ने बलूचिस्तान के साथ हेलीकॉप्टर आपूर्ति का यह सौदा दिसंबर 2016 में किया था। कनवर्टिबल हेलीकॉप्टर एक ही जगह से सीधे उड़ भरने के साथ ही प्लेन की तरह हवाई पट्टी से भी उड़ान भर सकता है।