चीन के जिस वुहान शहर से जानलेवा कोरोना वायरस दुनियाभर में फैला वहां हालात सामान्य होने के बाद भले लॉकडाउन खत्म हो चुका है लेकिन संक्रमण के दूसरे दौर की आंशका बढ गई है। पिछले दिनों में बिना लक्षण वाले नए मामले मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन में हडकंप है। ऐसे में अगले 10 दिन में वुहान के सभी 1.1 करोड लोगों की जांच कराने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस दावे पर सवाल भी उठ रहे हैं, इसके लिए रोज कम से कम 10 लाख जांच करनी होगी।
अभी चीन में रोज 40 से 60 हजार सैंपल की जांच करने क्षमता है। इसे बड़े पैमाने पर बढ़ाना होगा, जो बेहद कठिन और खर्चीला भी है। अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित काउंसिल ऑफ फॉरेन अफेयर्स में ग्लोबल हेल्थ के सीनियर फेलो यानजोंग हुआंग के मुताबिक यह चमत्कार है। आखिर इतने लोगों की जांच का लक्ष्य क्यों रखा गया है। दरअसल, पिछले सप्ताह वुहान में एक साथ छह नए मामले मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है। जो नए मामले सामने आए हैं उनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं दिख रहा था, लेकिन जांच में सभी पॉजिटिव आए हैं। इसके बाद इस इलाके के सभी पांच हजार लोगों की जांच का आदेश दिया गया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अुनसार वुहान में पहले चरण में 40 से 50 लाख लोगों की जांच हो चुकी है। वुहान यूनिवर्सिटी के डिप्टी डायरेक्टर यांग झान्की ने ग्लोबल टाइम्स अखबार से कहा, बाकी बचे करीब 60 लाख लोगों की जांच दस दिनों में हो सकती है। गौरतलब है कि 22 अप्रैल को हुबेई की प्रांतीय सरकार ने रोज 89 हजार लोगों की जांच की जानकारी दी थी। हुबेई की राजधानी वुहान में रोज 63,000 लोगों की जांच हो रही थी।
वुहान में नए मामले सामने आने के बाद लॉकडाउन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। चीन के दूसरे शहरों में भी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। उत्तर कोरिया से लगते चीनी प्रांत जिलीन में सभी तरह के लोक परिवहन को प्रतिबंधित कर दिया गया है। बाकी शहरों में भी सिनेमा, जिम और इंटरनेट कैफे बंद किए गए हैं। चीनी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुख्य महामारी विशेषज्ञ वू झूनयो के मुताबिक जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद नए केस मिलने से सरकार हाई अलर्ट पर है। वुहान में ऐसे मामले मिले हैं जिनमें संक्रमण अवधि 30 से 50 दिन तक है। इससे लगता है कि कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में वायरस ज्यादा दिनों तक सक्रिय रह सकता है।