Clashes broke out between the Indian Secular Front and Trinamool Congress workers in Bhangar
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पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव का नामांकन दाखिल करने के दौरान जगह-जगह हिंसक खबरें आ रही हैं। मंगलवार को भांगड़ में जमकर हिंसा हुई। तृणमूल कांग्रेस और आईएसएफ ने एक दूसरे पर हिंसा करने का आरोप लगाया। ताजा हिंसा में पुलिस कर्मियों सहित कई लोगों के घायल होने की खबर है।
इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के उम्मीदवारों के द्वारा पंचायत चुनाव में नामांकन पत्र जमा करने को लेकर मंगलवार को भांगड़ रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। धारा 144 के बावजूद ब्लॉक 2 के बीडीओ कार्यालय भांगड़ के सामने मैदान में आईएसएफ और तृणमूल कर्मियों में जमकर झड़पें हुईं। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। लेकिन पुलिस को निशाना बनाकर ईंट-पत्थरबाजी और बम विस्फोट की शिकायतें मिलीं हैं। इस दौरान बम फैंकने, अंधाधुंध गोलाबारी और फायरिंग के आरोप लगे हैं। इसमें पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हुए हैं। इसमें कई गाड़ी भी चकनाचूर हुए हैं, गाड़ियों में बम होने की बात कही जा रही है।
इस पर कैनिंग ईस्ट से विधायक और भांगड़ के प्रभारी तृणमूल नेता शौकत मोल्ला ने आरोप लगाया कि आईएसएफ ने मंगलवार को तृणमूल की ‘नबज्बार यात्रा’ कार्यक्रम को रद्द करने के लिए असामाजिक तत्वों को इकट्ठा करके एक सुनियोजित हमले का आयोजन किया। उन्होंने इसके लिए भांगड़ आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी को जिम्मेदार ठहराया। नौशाद ने शौकत के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘अगर अभिषेक के कार्यक्रम में खलल डालना चाहते, तो हम आज नामांकन पत्र जमा नहीं करते। हम भांगड़ के ब्लॉक 1 में नामांकन पत्र जमा कर देते। नौशाद ने कहा, राज्य चुनाव आयोग को भी इस घटना की जानकारी दी जाएगी।