सिंगूर से टाटा को मैंने नहीं बल्कि तत्कालीन सीपीएम की सरकार ने निकाला। टाटा के नैनो कार प्रोजेक्ट के के बंगाल से बाहर जाने के लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूं। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह बात बुधवार को सिलीगुड़ी में आयोजित विजया सम्मिलनी में कही। उन्होंने कहा, मैंने टाटा को नहीं निकाला। सीपीएम ने निकाला। उन्होंने जोर-जबरदस्ती जमीन ली थी, हमने उसे वापस दिलाने का काम किया।
ममता ने कहा, नैनो कारखाना बनाने के लिए सिंगूर में खेती की जमीन तत्कालीन बुद्धदेव भट्टाचार्य की सरकार ने दी थी। उन्होंने कहा, मुझे पता चला है कि कई लोग यह बात कर रहे हैं कि मैंने टाटा को बाहर निकाला, अब टाटा नौकरियां दे रहा है। मैंने टाटा को नहीं निकाला, सीपीएम ने निकाला। आप लोग जोर-जबरदस्ती से जमीन दखल करने गए थे। हमने लोगों को उनकी जमीन वापस दिलाई। इतने सारे प्रकल्प हो रहे हैं, किसी की जमीन जोर-जबरदस्ती से नहीं ली गई। हम किसी भी उद्योगपति के साथ वैमनस्य नहीं करते। उन्होंने कहा, जमीन का अभाव नहीं है। जोर-जबरदस्ती से जमीन क्यों लें। हम तो चाहते हैं कि अधिक से अधिक उद्योग बंगाल में आएं। यहां रोजगार के साधन बढ़ेंगे। उन्होंने कहा, बंगाल में आइए, यहां उद्योग-धंधे लगाइए।