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CID vs CBI: ललन शेख की हिरासत में मौत, बंगाल सीआईडी ने दर्ज की सात सीबीआई अफसरों पर FIR

Wed, 14 Dec 2022 02:43 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता

सार

West Bengal: मुख्यमंत्री ने ललन की असामान्य मौत को लेकर कहा, मैं इस घटना की निंदा करती हूं। अगर सीबीआई इतनी ही होशियार है तो कस्टडी में किसी की मौत कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा, उनकी पत्नी ने एक प्राथमिकी दर्ज कराई है। हम भी मुद्दा उठाएंगे...
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West Bengal: Lalan Sheikh - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने सीबीआई हिरासत में बागतुई नरसंहार के मुख्य आरोपी ललन शेख की मौत पर दुख जताया है और सीबीआई पर ही सवाल उठा दिए। इस बीच, बंगाल सरकार ने मामले की जांच सीआईडी से कराने का फैसला किया है। इसके साथ ही बुधवार को सीआईडी ने सात सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। 

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बनर्जी ने कहा, सीबीआई की हिरासत में कोई कैसे मर सकता है? मेघालय दौरे के दौरान मंगलवार को मुख्यमंत्री ने ललन की असामान्य मौत को लेकर कहा, मैं इस घटना की निंदा करती हूं। अगर सीबीआई इतनी ही होशियार है तो कस्टडी में किसी की मौत कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा, उनकी पत्नी ने एक प्राथमिकी दर्ज कराई है। हम भी मुद्दा उठाएंगे।

दूसरी ओर, ललन की पत्नी ने इसे हत्या बताया है, जबकि सीबीआई इसे आत्महत्या बता रही है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को बागतुई नरसंहार कांड के मुख्य आरोपी ललन का शव रामपुरहाट स्थित सीबीआई के अस्थाई कैंप के शौचालय में फंदे से लटका बरामद किया गया था। पुलिस इसकी छानबीन कर रही है।

सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि ललन शेख ने खुदकुशी की है। जबकि उसकी पत्नी रेशमा बीबी ने रामपुरहाट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कर कहा कि सीबीआई अधिकारियों ने उसे धमकी दी थी कि वे उसके पति को मार डालेंगे। रेशमा बीबी के आरोपों को सीबीआई ने आधारहीन बताया है। बीरभूम पुलिस ने मामले की पहले ही जांच शुरू कर दी है। अब जांच सीआईडी को सौंप दी गई है। 

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हत्या व अन्य धाराओं में केस दर्ज
सीआईडी ने जांच हाथ में लेते ही सीबीआई के साथ अफसरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इनमें डीआईजी व एसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ हत्या व भादंवि की अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 

21 मार्च को हुआ था बागतुई नरसंहार
बता दें, इसी साल 21 मार्च को बागतुई नरसंहार हुआ था। आगजनी व हिंसा में कम से कम 10 लोग मारे गए थे। यह हिंसा बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता भादू शेख की हत्या के बाद भड़की थी। सीबीआई कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर इस हिंसा की जांच कर रही है। 

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