बंगाल में पंचायत चुनाव से पहले एक बार फिर से गोरखालैंड की मांग उठने लगी है। एक बार फिर से इस मुद्दे को बिमल गुरुंग ने उठाया है। वह दिसंबर में गोरखालैंड के मुद्दे पर बैठक करेंगे। पंचायत चुनाव से पहले सिलीगुड़ी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गुरुंग ने कहा, पहाड़ की समस्या के समाधान के लिए जो पार्टी आगे आएगी, 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में समर्थन उसी को दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वह दिसंबर में गोरखालैंड की मांग को लेकर फिर से दिल्ली जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने दार्जिलिंग के विकास के वादे को पूरा नहीं किया। इसलिए वे फिर से गोरखालैंड की मांग में शामिल हो गए। गुरुंग ने कहा, पहाड़ की समस्या के समाधान के लिए जो पार्टी आगे आएगी, उसे 2024 के लोकसभा चुनाव में समर्थन दिया जाएगा। बैठक दिसंबर में दिल्ली में होगी। उस बैठक में अलग राज्य गोरखालैंड के मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा।
बंगाल चुनाव और आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए समीकरण बदलने लगे हैं। बिमल गुरुंग 2021 के चुनाव से ठीक पहले अचानक कोलकाता में पत्रकार वार्ता कर जनता के बीए आए। इसके बाद उन्होंने 21 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के लिए समर्थन करने की घोषणा की। अब एक बार फिर पंचायत चुनाव से पहले बिमल गुरुंग ने गोरखालैंड की मांग का राग अलापते हुए 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में उस पार्टी का समर्थन करने की घोषणा की जो गोरखालैंड की समस्या का समाधान करेगी।