प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पश्चिम बंगाल (West Bengal) का दौरा करेंगे। इस दौरान वे पश्चिम बंगाल को 7800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात देंगे। इसके तहत वे कई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और कई परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री शुक्रवार सुबह करीब 11:15 बजे हावड़ा रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे, जहां वे हावड़ा को न्यू जलपाईगुड़ी से जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। साथ ही, वे कोलकाता मेट्रो की पर्पल लाइन के जोका-तारातला खंड का भी उद्घाटन करेंगे और विभिन्न रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
एनजीसी की दूसरी बैठक की करेंगे अध्यक्षता
प्रधानमंत्री कोलकाता में राष्ट्रीय गंगा परिषद (एनजीसी) की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, अन्य केंद्रीय मंत्री जो परिषद के सदस्य हैं और उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। प्रधानमंत्री 990 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के तहत विकसित 7 सीवरेज बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (20 सीवेज उपचार संयंत्र और 612 किमी नेटवर्क) का उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं से नबद्वीप, कछरापरा, हलीशर, बजबज, बैरकपुर, चंदन नगर, बांसबेरिया, उत्तरपाड़ा कोतरुंग, बैद्यबती, भद्रेश्वर, नैहाटी, गरूलिया, टीटागढ़ और पानीहाटी की नगर पालिकाओं को लाभ होगा। ये परियोजनाएं पश्चिम बंगाल राज्य में 200 एमएलडी से अधिक की सीवेज उपचार क्षमता को बढ़ाएगी।
प्रधानमंत्री 1585 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के तहत विकसित होने वाली पांच सीवरेज बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (8 सीवेज उपचार संयंत्र और 80 किमी नेटवर्क) की आधारशिला भी रखेंगे। इन परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल में 190 एमएलडी नई एसटीपी क्षमता जुड़ जाएगी। इन परियोजनाओं से उत्तरी बैरकपुर, हुगली-चिनसुरा, कोलकाता केएमसी क्षेत्र- गार्डन रीच और आदि गंगा (टोली नाला) और महेस्तला शहर के क्षेत्रों को लाभ होगा।
प्रधानमंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी - राष्ट्रीय जल और स्वच्छता संस्थान (डीएसपीए-निवास) का उद्घाटन करेंगे, जिसे लगभग 100 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से जोका, डायमंड हार्बर रोड, कोलकाता में विकसित किया गया है। संस्थान देश में जल, स्वच्छता और स्वच्छता (वॉश) पर देश में एक शीर्ष निकाय के रूप में काम करेगा, जो केंद्रीय, राज्य और स्थानीय सरकारों के लिए सूचना और ज्ञान के केंद्र के रूप में कार्य करेगा।