डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय रैगिंग से परेशान होकर हॉस्टल के दूसरी मंजिल से कूदने वाले छात्र का गुरुवार को ऑपरेशन किया गिया। पांच डॉक्टरों की टीम ने करीब तीन घंटे तक छात्र का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद छात्र ने कहा, अब वह काफी ठीक महसूस कर रहा है। कूदने से छात्र की रीढ़ की हड्डी कई जगह से फ्रेक्चर हो गई थीं।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन पांच डॉक्टरों की टीम ने करीब तीन घंटे में किया। इस टीम का नेतृत्व न्यूरोसर्जन डॉ. अनिल पन्नालाल ने किया। मेडिकल परिस्थितियों को देखते हुए सर्जरी से पहले दिल की धड़कन को स्थिर करने के लिए रोगी पर एक अस्थायी पेसमेकर लगाया गया था। गुरुवार को उनके ऑपरेशन से पहले अस्पताल परिसर में आनंद के माता-पिता और परिजनों के साथ बड़ी संख्या में लोग उनकी सफल सर्जरी और पूरी तरह से ठीक होने की प्रार्थना कर रहे थे।
जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन सफल रहा। रीढ़ की हड्डी के टूटे हिस्से, जो नसों को दबा रहे थे, सफलतापूर्वक निकाल दिए गए। टूटी हुई रीढ़ को ठीक करने के लिए टाइटेनियम प्लेट और स्क्रू का इस्तेमाल किया गया। कल एक एक्स-रे किया जाएगा और परसों उसे खुद बैठने के लिए कहा जाएगा। डॉक्टरों को उम्मीद है कि वह एक सप्ताह के भीतर चलने में सक्षम हो जाएगा। ऑपरेशन के बाद आनंद ने कहा, अब वह काफी ठीक महसूस कर रहे हैं।
रैगिंग मामला: एक छात्र और गिरफ्तार
इस बीच, गुरुवार को रैंगिंग मामले में डिब्रूगढ़ पुलिस ने एक अन्य छात्र दिव्यज्योति गोगोई को गिरफ्तार किया। गुरुवार को एक अन्य छात्र चित्रपन बरुआ ने विश्वविद्यालय की एंटी रैगिंग कमेटी के सामने पेश होकर खुद को निर्दोष बताया। उसने कहा कि मुझे फंसाया गया है। वह इस तरह के किसी भी कांड में शामिल नहीं था। वह रैगिंग विरोधी है।
पुराने छात्रों को रहने नहीं देंगे: सीएम
दूसरी ओर, गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम सरकार रैगिंग को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा, पूर्व छात्रों को छात्रवास में अब रहने नहीं दिया जाएगा। कई छात्र कमेटियों के नाम पर पूर्व छात्रवास में रहते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं बढ़ती हैं।