इस बार टीएसके-25के में देश और विदेशों के धावकों के शामिल होने से मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद है। इस बार गत भारतीय चैंपियन श्रीनू बुगाथा और फॉर्म में चल रहे संजीवनी जाधव इस दौड़ में शामिल हो रहे हैं। इसके साथ ही पिछली बार की तुलना में इस बार इस प्रतियोगिता में अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। कोरोना के बाद यह टीएसके-25के का यह सातवां संस्करण है, जिसने लोगों के दिलों की धड़कनों को बढ़ा दिया है। इसकी पुरस्कार राशि 100,000 अमेरिकी डॉलर है।
अनुभवी श्रीनू बुगाथा अपने भारतीय एलीट पुरुष खिताब का बचाव करना चाहेंगे। सेना के धावक, जो यहां कई बार के उपविजेता भी हैं, परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। वरिष्ठ दावेदार बुगाथा अच्छी फॉर्म में हैं। अक्तूबर में प्रतिष्ठित वेदांत दिल्ली हाफ मैराथन में तीसरे और टाटा मुंबई मैराथन में सीनियर वर्ग में ताज पर कब्जा किया था।
इस मैराथन में अभिषेक पाल और हर्षद म्हात्रे हर कदम पर बुगाथा को चुनौती देंगे। पाल मई में इस साल के टीएसके वर्ल्ड 10के बेंगलुरु में भारतीय एलीट विजेता थे और उन्होंने राष्ट्रीय खेलों में 5,000 मीटर का स्वर्ण और राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 10,000 मीटर का स्वर्ण भी जीता था। उल्लेखनीय है कि म्हात्रे, जो कि पाल की तरह प्रोकैम के एलीट डिस्टेंस रनिंग प्रोग्राम का हिस्सा थे, 2019 में टीएसके 25 के और दिल्ली हाफ मैराथन में भारतीयों में तीसरे स्थान पर थे और इस साल की नेशनल क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली रेलवे टीम के सदस्य थे। इसके अलावा दुर्गा बहादुर बुद्धा, मान सिंह और मुरली गावित भी मैदान में हैं। यही नहीं, इनके साथ-साथ संजीवनी जाधव भी मैराथन में होंगी, जो प्रतियोगिता को और रोमांचक बना देंगी।