कालागढ़/कोटद्वार। एनजीटी के आदेश पर कालागढ़ की रामगंगा बांध परियोजना के आवासीय परिसर को खाली कराने की कार्रवाई पर फिलहाल स्थगन आदेश होने से आठ जनवरी को चिह्नित 71 भवन नहीं गिराए जा सकेंगे। उच्च न्यायालय नैनीताल में 10 जनवरी को मामले की सुनवाई होगी।
कालागढ़ की नई कॉलोनी एवं केंद्रीय कॉलोनी में 71 राजकीय भवन आठ जनवरी को ध्वस्त किए जाने थे। सात जनवरी की शाम तक मौके पर काफी पुलिस बल पहुंच चुका था। प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी कर ली थी। पीएसी की दो कंपनियां व एसओजी टीम कालागढ़ पहुंच चुकी थी। पानी के टैंकर, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां एवं विभिन्न थानों का पुलिस बल कालागढ़ के लिए रवाना हो चुका था।
वहीं, कालागढ़ कल्याण एवं उत्थान समिति ने प्रशासन की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के खिलाफ उच्च न्यायालय की शरण ली। कालागढ़ के स्थानीय जनप्रतिनिधियों परशुराम, राजेश्वर अग्रवाल, शंकर सिंघल, योगेश कुमार सैनी, मेराज खान आदि ने बताया कि जनता की फरियाद को लेकर वे अदालत पहुंचे हैं। न्यायालय के समक्ष जनता का पक्ष रखा जाएगा। उन्हें न्यायालय से राहत मिलने की उम्मीद है।
वहीं, एसडीएम सोहन सिंह सैनी ने फिलहाल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई टलने की पुष्टि की। बताया कि मामले में कालागढ़ कल्याण एवं उत्थान समिति ने उच्च न्यायालय में अपील की है। जिस पर उच्च न्यायालय से स्टे हो गया है। 10 जनवरी को उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई है। न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले प्रशासन ने 24 दिसंबर को कालागढ़ में रामगंगा बांध परियोजना की आवासीय कॉलोनी परिसर से 86 राजकीय भवनों को ध्वस्त कराया था।