कालागढ़/कोटद्वार। रामगंगा बांध परियोजना की आवासीय कॉलोनी में आवासों के ध्वस्तीकरण पर फिलहाल रोक लगने से लोगों ने कुछ राहत महसूस की। वहीं, जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से रोष व्याप्त है।
पौड़ी लोकसभा एवं कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कालागढ़ में रामगंगा बांध परियोजना की भूमि वन विभाग को सौंपने में प्रशासन जुटा है। 24 दिसंबर को 86 आवासों को जमींदोज करने के बाद आठ जनवरी को ध्वस्तीकरण की दूसरे चरण की कार्रवाई की जानी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाते-लगाते थक चुके थे, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। तब कालागढ़ कल्याण एवं उत्थान समिति नैनीताल को उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
न्यायालय द्वारा 10 जनवरी को मामले की सुनवाई तय करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने का स्थानीय निवासियों राजेश्वर अग्रवाल, परशुराम आदि ने स्वागत किया। उनका कहना है कि जनता को न्यायालय से बड़ी उम्मीदें हैं। कालागढ़ के हित में लड़ाई जारी रहेगी। कालागढ़ की जनता के पक्ष में नीति निर्धारण किए बगैर उन्हें बेघर नहीं होने दिया जाएगा। लोगों के पलायन को रोका जाएगा।