कर्णप्रयाग प्रकरण: जांच हरिद्वार भेजे जाने पर यूकेडी ने उठाए सवाल, आंदोलन की चेतावनी श्रीनगर। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने कर्णप्रयाग विवाद मामले की जांच हरिद्वार स्थानांतरित किए जाने और नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण में कथित रूप से शामिल निहंग यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच चमोली पुलिस से कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में उग्र आंदोलन किया जाएगा। बुधवार को यहां पत्रकार वार्ता में यूकेडी युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय प्रवक्ता अरुण नेगी ने कहा कि कर्णप्रयाग में हुई घटनाओं के संबंध में दोनों पक्षों द्वारा तहरीर दी गई है, ऐसे में जांच को जिले से बाहर स्थानांतरित करना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि पथराव और शांति व्यवस्था प्रभावित करने जैसी घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अराजकता फैलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के प्रति प्रशासन का रवैया नरम दिखाई दे रहा है। यदि सरकार और प्रशासन ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो यूकेडी प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। यूकेडी के अचल नेगी ने कहा कि नगरासू गुरुद्वारे में डेरा डाले निहंग यात्रियों को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के जाने देना कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पूरे मामले की पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है। मौके पर राहुल राणा, जसपाल नेगी, विक्की बिष्ट आदि मौजूद रहे।