आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर के तहत आशा कार्यकर्ता एवं एमपीडब्लू (मल्टी परपज वर्कर) के लिए यहां एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें अधिकारियों ने गांवों में विभिन्न असंक्रामक बीमारियों की जानकारी देने के अलावा संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने की बात कही। मंगलवार को आयोजित कार्यशाला में जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग के अधिकारियों ने कहा कि गांवों में पारंपरिक जड़ी बृूटियों और उत्पादों से कई बीमारियां ठीक की जा सकती हैं। इनमें सौंप, जीरा, अजवाइन, तुलसी, इलायची सहित कई उत्पाद शामिल हैं। यही नहीं घरों में आयुर्वेदिक वाटिका तैयार कर असाध्य रोगों को भी ठीक किया जा सकता है। आयुर्वेद में साध्य हो या असाध्य सभी रोगों का उपचार प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से किया जाता है। वक्ताओं ने योग के जरिए भी रोगों को दूर करने के लिए लोगों को जागरूक करने पर बल देने को कहा। इस अवसर पर आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी समस्याएं भी सामने रखी। जिसका निस्तारण करने के लिए आश्वासन दिया गया।