सीतापुर। शासन ने पूर्व में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों व इनके परिजनों की फर्माें पर शासकीय कार्याें काे न कराने का आदेश जारी किया है। इसके बावजूद लगातार इस नियमावली का उल्लंघन देखा जा रहा है।
गोंदलामऊ ब्लॉक की जरिगवां ग्राम पंचायत में इसी मानक की अनदेखी कर प्रधान मां ने पुत्र मोह में अपने पुत्र की फर्म पर ही लाखों रुपयों के विकास कार्याें का भुगतान कर दिया। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत की प्रधान अर्पणा सिंह हैं। इनके पुत्र आशुतोष की फर्म आशुतोष ट्रेडर्स ने ग्राम पंचायत के विकास कार्य कराये। इसके बाद करीब बीस बार में पंद्रहवें वित्त व पंचम वित्त के तहत विकास कार्याें का भुगतान फर्म के बैंक खाते में किया गया। अब तक की पड़ताल में करीब सोलह लाख रुपयों के काम का भुगतान सामने आया है।
क्या है शासनादेश
21 मार्च 2022 में ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने एक आदेश जारी किया था। इसके मुताबिक ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, उनके परिजनों व सरकारी कर्मचारियों और उनके नाम फर्माें पर काम नहीं दिया जा सकता है। ऐसा पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई्र का प्रावधान है।
इन कामों का किया भुगतान
मद भुगतान (रुपये में )
पंचायत भवन में छत निर्माण कार्य- 90,126
पंचायत भवन में छत निर्माण कार्य- 52,678
पंचायत भवन में रंगाई पुताई- 5,441
फर्श मरम्मत कार्य- 5,885
पंचायत भवन में बाउंड्रीवाल व इंटरलॉकिंग- 1,11,422
पंचायत भवन में बाउंड्रीवाल व इंटरलॉकिंग- 94,910
पंचायत भवन मरम्मत- 69,091
ग्राम पंचायत विकास कार्य- 4,04,765
(नोट- इसी प्रकार कुल सोलह लाख रुपये के विकास कार्याें का भुगतान आशुतोष ट्रेडर्स पर किया गया है।)