गुरवाणी तथा सबद कीर्तन करते कथा वाचक।
नौतनवा। गुरु गोविंद सिंह का 358वां प्रकाश पर्व शुक्रवार को नौतनवा कस्बा स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु गोविंद सिंह सभा में सिख समुदाय के लोगों ने धूमधाम से मनाया। गुरुद्वारा में सुबह से गुरुवाणी, सबद कीर्तन किया गया। अमृतसर से पधारे कथा वाचक भाई जगदीश सिंह ने गुरु की महिमा का रसपान कराया।
नौतनवा कस्बा स्थित गुरुद्वारा में अमृतसर से आए कीर्तन जत्था भाई सुरेंद्र सिंह, हजूरी रागी जत्था नौतनवा दिगंबर सिंह ने गुरुवाणी सबद कीर्तन किया। कथा वाचक भाई जगदीश सिंह ने सबद कीर्तन और गुरु इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह का जीवन लोगों के लिए काफी प्रेरणादायक रहा। कहा जाता है कि वह अपने पिता गुरु तेग बहादुर की शहादत के बाद मात्र 9 साल की उम्र में गुरु गोविंद सिंह जी ने गुरु की जिम्मेदारी ली।
उन्होंने छोटी सी उम्र में ही धनुष-बाण, तलवार, भाला आदि चलाने की कला भी सीखी और अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया। गुरु गोविंद सिंह जी के जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि हमें जीवन में कभी भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए, चाहे परिस्थिति कितनी भी बुरी क्यों न हो। हमेशा अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए काम करते रहना चाहिए। इस मौके पर अध्यक्ष परमजीत सिंह, रविंदर सिंह, मंजीत सिंह, रंजीत सिंह, सतपाल सिंह, रणजीत सिंह, सतपाल सिंह मौजूद रहे।