प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेष पाठक ने समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार किया है। कहा कि वह तो अपने चाचा, दादा, नाना, नानी की पार्टी चला रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्री एमपी कौन हैं यह तो सभी जानते हैं। हकीकत में कोई राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, जिसे वो चला रहे हैं। अखिलेश यादव द्वारा 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया' कहने और कफ सिरप प्रकरण पर बुलडोजर की बात करना पूरी तरह भ्रामक है। वह राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव के पिता के निधन पर शोक जताने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल की तुलना वर्तमान योगी सरकार से करते हुए कहा कि पहले हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार, दुकान कब्जा और टेंडर हड़पने की घटनाएं होती थीं, लेकिन, वर्तमान योगी सरकार में आज ऐसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई हो रही है। कानून-व्यवस्था पूर्व की तुलना में कहीं बेहतर स्थिति में है। कफ सिरप प्रकरण को लेकर उन्होंने कहा कि इसकी उच्च स्तरीय जांच सरकार की निगरानी में जारी है और दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर कहा कि विपक्ष इसलिए परेशान है क्योंकि बिहार में एसआईआर के बाद विधानसभा चुनाव में लगभग 65 लाख अवैध वोट, जो मृतकों के नाम पर दर्ज थे, निर्वाचन आयोग ने हटा दिए थे। उन्होंने कहा कि मृतकों और फर्जी नामों को सूची से हटाया जाएगा ताकि लोकतंत्र की शुचिता और पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची को सही करने में लगाया गया है। लोकतंत्र की शुचिता के लिए SIR आवश्यक है, जैसे मन की शुचिता के लिए योग आवश्यक होता है। उन्होंने संसद भवन में 'वंदे मातरम' संबंधी विवाद पर उन्होंने कहा कि भारतीय संसद सर्वोच्च है और इस विषय पर बहस होनी चाहिए।