प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद पुलिस की नजर बदमाशों पर पूरी तरह टेढ़ी हो गई है। इसका परिणाम है कि 2017 में पुलिस मुठभेड़ में एक तो 2024 में यह संख्या बढ़कर 63 हो गई। जिले के सात सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो 10 आरोपियों की मौत हो गई और कुल 157 अपराधी मुठभेड़ में घायल हो गए। पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में खौफ बना हुआ है। मंडल में मुठभेड़ के मामले में जौनपुर पहले नंबर पर है।
योगी सरकार बनने के बाद पहले वर्ष 2017 में एक मुठभेड़ हुई, जिसमें एक अपराधी घायल हुआ। 2018 में एक मुठभेड़ में दो अपराधी, 2019 में तीन मुठभेड़ों में तीन, 2020 में चार मुठभेड़ों में चार अपराधी घायल हुए। वहीं 2021 में पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी के जिले की कमान संभालने के बाद मुठभेड़ की संख्या ने रफ्तार पकड़ ली। उनके दो साल के कार्यकाल में मुठभेड़ में मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ी। वर्ष 2021 में 16 मुठभेड़ों में तीन अपराधियों की मौत हो गई और 15 अपराधी घायल हुए। वर्ष 2022 में कुल 25 मुठभेड़ों में तीन अपराधियों की जवाबी कार्रवाई में मौत हो गई तो 26 अपराधी गोली लगने से घायल हो गए। उनके स्थानांतरण के बाद जिले की कमान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से चर्चित डाॅ. अजयपाल शर्मा के हाथों में दी गई। उनके कार्यकाल में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई। वर्ष 2023 में कुल 36 मुठभेड़ें हुईं। इनमें एक अपराधी की मौत हुई तो 43 गोली से घायल हुए। 2024 में सबसे अधिक 55 मुठभेड़ें हुईं। इनमें तीन अपराधियों की जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से मौत हो गई तो 63 घायल हो गए। इन दोनों वर्षों में 162 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद