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VIDEO : गोरखपुर से बाराबंकी तक 241 किमी लंबे रेलवे ट्रैक पर फर्राटा भरेंगी ट्रेनें

बाराबंकी से गोरखपुर तक के करीब 241 किमी. लंबे रेलवे ट्रैक को स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (कवच) से तेजी से लैस किया जा रहा है। इसका लाभ दिल्ली से बिहार तक चलने वाली ट्रेनों को लाभ मिलेगा। इस खास तकनीक से ट्रेनों में टक्कर नहीं होगी। इसमें जीपीएस, रेडियो फ्रीक्वेंसी का प्रयोग होगा। ट्रेनों के टकराने की स्थिति आने से पहले ही दोनों ट्रेनों में ऑटोमेटिक ब्रेक लग जाएंगे। दरअसल, ट्रेनों में होनी वाली टक्कर को रोकने के लिए दो साल पहले ही रेलवे ने संस्था आरडीएसओ के साथ मिलकर काम किया था और स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली विकसित की। इसका प्रयोग किया जा चुका है। पूर्वोत्तर रेलवे ने इस प्रणाली से लैस करने के लिए बाराबंकी-गोरखपुर रेलवे ट्रैक का चयन किया था। इंजीनियरों के सर्वे के बाद रेलवे बोर्ड ने पिछले दो साल पहले ही इस काम को मंजूरी देते हुए 467 करोड़ रुपये का बजट बनाया था। इस काम की शुरुआत करने के लिए बजट आवंटित कर दिया गया था। माना जा रहा है कि मार्च 2025 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा। रेल विभाग के वरिष्ठ इंजीनियरों ने बताया कि स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (कवच) में कई प्रकार की विश्वसनीय तकनीक का प्रयोग हो रहा है। रेल अधिकारियों के अनुसार ये सिस्टम माइक्रो प्रोसेसर, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम और रेडियो संचार से जुड़ा रहेगा। यह लोकोमोटिव तथा सिग्नलिंग सिस्टम के साथ-साथ पटरियों में भी प्रभावी रहेगा। इससे लोको पायलट की गतिविधियों की निगरानी होगी। ट्रेनों में टक्कर होने से पहले ही ऑडियो-वीडियो द्वारा अलर्ट कर दिया जाएगा। एक ट्रैक पर होने के बाद भी ट्रेनों में स्वत: ब्रेक लग जाएगी। खास बात यह होगी कि पांच किलोमीटर तक सभी ट्रेनों का संचालन बंद हो जाएगा।

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