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बाराबंकी: वारदातें छोड़िए...सजा के बाद भी पुलिस को चकमा देता रहा आसिम

वारदातें छोड़िए...सजा के बाद भी पुलिस को चकमा देता रहा आसिम - एनकाउंटर में ढेर बदमाश ने देवा में डकैती के दौरान की थी हत्या - अदालत में हाजिर नहीं हुआ, वारंट जारी होते रहे, अब हुआ अंत बाराबंकी: अंबेडकरनगर में पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ कुख्यात अपराधी आसिम अली उर्फ विक्की सिर्फ एक शातिर लुटेरा ही नहीं बल्कि क्रूर मानसिकता का अपराधी था। लूटपाट के दौरान खून बहाना या हत्या कर देना मानो उसका शगल था। देवा क्षेत्र के मुजीमपुर गांव के लोगों के जेहन में 11 सितंबर 2021 की रात की घटना भूले नहीं भूलती। हैरानी की बात यह है कि गैंगस्टर कोर्ट से चार वर्ष चार माह की सजा सुनाए जाने के बाद भी आसिफ कानून और पुलिस, दोनों को खुली चुनौती देता रहा। वह अदालत में कभी हाजिर नहीं हुआ। वारंट जारी होते रहे और वह लगातार फरार रहा। मंगलवार को अंबेडकरनगर में एसटीएफ की गोली ने उसका अंत कर दिया। देवा कोतवाली में आसिम अली उर्फ विक्की के खिलाफ पांच मामले दर्ज थे। इनमें डकैती, हत्या, गैंगस्टर एक्ट और अवैध असलहों से जुड़े गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके अपराधों का सबसे खौफनाक अध्याय 11 सितंबर 2021 की रात लिखा गया था। उस रात मुजीमपुर गांव के किसान शिव प्रताप का घर बदमाशों के निशाने पर था। आधी रात को घर में घुसे आसिम और उसके साथियों ने सिर्फ लूटपाट ही नहीं की बल्कि पूरे परिवार पर कहर बरपाया। बदमाशों ने शिव प्रताप की बुजुर्ग मां चंद्रावती को डंडों से इतना पीटा कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार के अन्य सदस्यों को भी बेरहमी से घायल कर दिया गया। इसके बाद बदमाश लाखों रुपये के जेवर और करीब एक क्विंटल मेंथा ऑयल लूटकर भाग गए। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। वारदात के करीब दो महीने बाद छह नवंबर 2021 को पुलिस ने आसिफ सहित तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मुजीमपुर डकैती का खुलासा हुआ। चार साल पहले लगा गैंगस्टर वर्ष 2022 में पुलिस ने आसिम सहित चार आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की। दो आरोपी जेल भेजे गए लेकिन आसिम और उसका साथी नुमाइश पुलिस की पकड़ से बाहर रहे। इसी वर्ष मई 2026 में गैंगस्टर कोर्ट ने चारों आरोपियों को चार वर्ष चार माह के कारावास की सजा सुनाई लेकिन फैसले के बाद भी आसिम अदालत नहीं पहुंचा। हर बार वह पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। अब बाराबंकी पुलिस ने उसके खिलाफ लंबित मुकदमों और न्यायालय की कार्रवाई को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कच्छा-बनियान और शरीर पर तेल... मुजीमपुर डकैती की जांच में एक बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया था। वारदात के दौरान आसिम और उसके साथी सिर्फ कच्छा-बनियान पहनकर आए थे और पूरे शरीर पर तेल लगा रखा था ताकि अंधेरे में उनकी पहचान न हो सके और अगर कोई पकड़ने की कोशिश करे तो वे फिसलकर भाग निकलें।

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