मणिराम दास छावनी में आयोजित संत मंडल की गोष्ठी में संतों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर विपक्ष की राजनीति पर निशाना साधा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई। बैठक में सनातन धर्म और राम मंदिर के खिलाफ कथित दुष्प्रचार का विरोध करने तथा दोषमुक्त होने की स्थिति में चंपत राय को ट्रस्ट में पुनः जिम्मेदारी देने की मांग भी उठी। बैठक में तय हुआ कि जो लोग सनातन धर्म, राम मंदिर और संत समाज को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। ऐसे लोगों को किसी भी धार्मिक मंच पर स्थान नहीं दिया जाएगा। साथ ही अयोध्या के सभी प्रमुख धार्मिक आयोजनों में भगवान रामलला को केंद्र में रखकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यदि एसआईटी जांच में चंपत राय निर्दोष साबित होते हैं तो उन्हें पुनः ट्रस्ट में सम्मानपूर्वक जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। इस पर सभी संत एकमत नजर आए। इस बार सावन मेले में रामलला की भी पालकी यात्रा पर चर्चा हुई। बैठक में 200 से अधिक संत धर्म आचार्य शामिल रहे।