जिले में धान की रोपाई पूरे जोर पर है, लेकिन इसी बीच डीएपी खाद की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक ओर निजी दुकानों पर खाद ऊंचे दामों में बेची जा रही है, वहीं दूसरी ओर कई सहकारी समितियों और इफको केंद्रों पर वितरण व्यवस्था बाधित होने से किसान परेशान रहे। सोमवार सुबह से ही जिले की विभिन्न समितियों और इफको केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें लग गईं। खाद लेने पहुंचे किसान घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन सर्वर ठप होने के कारण वितरण शुरू नहीं हो सका। उमस भरी गर्मी में घंटों इंतजार के बाद कई किसानों को बिना खाद लिए ही घर लौटना पड़ा। इससे रोपाई का काम प्रभावित होने की चिंता किसानों के चेहरे पर साफ दिखाई दी। किसानों का कहना है कि खेतों में रोपाई का समय निकलता जा रहा है। ऐसे में समय पर डीएपी नहीं मिलने से खेती की लागत बढ़ने के साथ उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। उनका आरोप है कि सरकारी केंद्रों पर वितरण बाधित होने का फायदा उठाकर निजी दुकानों पर खाद अधिक कीमत पर बेची जा रही है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि जिले की समितियों पर डीएपी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सर्वर संबंधी तकनीकी दिक्कत के कारण कुछ स्थानों पर वितरण प्रभावित हुआ, जिसे जल्द ठीक कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा रही है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।