महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम बदले जाने की प्रस्तावित पहल पर केंद्र सरकार और भाजपा की राष्ट्रपिता के नाम व विचारों को मारने की चेष्ठा कर रही है। गांधी जी को भले मार दिया, लेकिन उनके नाम व विचार अजर अमर हैं। ये बातें रविवार को अमेठी में गौरीगंज स्थित केंद्रीय कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान स्थानीय सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहीं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के विचार और नाम समय के साथ और मजबूत हुए हैं, उन्हें मिटाने की मंशा कभी सफल नहीं होगी। सांप्रदायिक सोच रखने वाली ताकतें इस प्रयास में असफल रहेंगी। मनरेगा का नाम बदलना मजदूरों के अधिकारों पर चोट है। उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों के काम करने के संवैधानिक अधिकार की पहचान है। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को सौ दिन काम की कानूनी गारंटी मिलती रही है। प्रस्तावित बदलावों से यह अधिकार कमजोर होगा। सरकार अब योजना का नाम बदलकर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबीजी रैमजी) करने की बात कर रही है। कहा कि अब काम की गारंटी समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। कहा कि इसको बचाने के लिए पार्टी प्रियंका गांधाी के जन्मदिन पर 12 जनवरी मनरेगा बचाओ संग्राम की गांव-गांव शुरूआत करेंगी। इसके बाद 25 फरवरी तक पार्टी मनरेगा को बचाने और मजबूत करने की लड़ाई सड़क से संसद तक पूरी ताकत से लड़ेगी। जैसे किसानों की मांगों को सरकार ने वापस लिया, उसी तरह हम मजदूरों के बीच जाकर जागरूक करते हुए विरोध जाताएंगे। अमेठी के कादूनाला परिसर में प्रदर्शन चल रहा है। आरोप लगाया कि भापजा हिंदू मुस्लिम की राजनीति कर नफरत की राजनीति कर रही है। एसआईआर पर उन्होंने कहा कि अब सत्ताधारी दल परेशान हैं, वह अब खुद बूथों पर 100 से 200 नाम बढ़वाने की कोशिश कर रही है।