अमेठी में बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा कार्यालय में हुए छह करोड़ रुपये से अधिक के चर्चित गबन प्रकरण की जांच के लिए बुधवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम जनपद पहुंची। सीबीआई की आठ टीमों ने जिले के विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की और दस्तावेजों की पड़ताल की। टीम ने गौरीगंज कोतवाली पहुंचकर मुकदमे से जुड़े अभिलेखों की भी जानकारी ली। सीबीआई की कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हलचल बनी रही। जानकारी के अनुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के बाद सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में ली है। सीबीआई की टीमें गौरीगंज क्षेत्र के वर्रा, लोधवरिया, पूरे यदुराम पांडेय समेत कई गांवों में पहुंचीं। अधिकारियों ने मामले में नामजद और जांच के दायरे में आए लोगों से पूछताछ की। कुछ स्थानों पर दस्तावेज और बैंक लेनदेन से जुड़ी जानकारियां भी जुटाई गईं। सीबीआई की एक टीम गौरीगंज कोतवाली भी पहुंची। वहां अधिकारियों ने विवेचना से जुड़े अभिलेखों और केस डायरी की जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी धन किन-किन खातों में भेजा गया? धनराशि के हस्तांतरण में किन लोगों की भूमिका रही? अमेठी के साथ ही लखनऊ, प्रतापगढ़, अयोध्या और कुशीनगर में भी सीबीआई की टीमों ने कार्रवाई की। जांच एजेंसी फिलहाल पूरे नेटवर्क और धन के प्रवाह की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। सीबीआई अधिकारियों ने मीडिया से कोई जानकारी साझा नहीं की। बताते चलें कि बेसिक शिक्षा विभाग में अवशेष देयक, सामान्य भविष्य निधि और बीमा भुगतान से जुड़ी धनराशि के लेनदेन में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई थी। प्रारंभिक जांच में गबन की रकम 3.13 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जो बाद में बढ़कर 4.34 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। जांच आगे बढ़ने पर यह रकम छह करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने की आशंका जताई गई। मामले में शिक्षक, लेखा लिपिक और आउटसोर्स कर्मियों समेत कई लोगों के खिलाफ गौरीगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। हाईकोर्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को आगे की विवेचना सौंपते हुए पुलिस अधीक्षक को समस्त अभिलेख जांच एजेंसी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। विभागीय जांच में सामने आया था कि कुछ शिक्षकों के खातों में भी बड़ी धनराशि स्थानांतरित हुई थी। अभिलेखों के अनुसार एक शिक्षक के खाते में 77.06 लाख रुपये तथा दूसरे शिक्षक के खाते में 47.42 लाख रुपये पहुंचे थे। शेष धनराशि लेखा विभाग और आउटसोर्स कर्मियों से जुड़े खातों में जाने की बात सामने आई थी। अब सीबीआई पूरे लेनदेन की परतें खंगाल रही है।