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Sikar: ढाणी लोहियावाली के शहीद रतनलाल गुर्जर की पार्थिव देह पंचतत्व में विलीन, 5 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि

Fri, 04 Apr 2025 06:45 PM IST
सीकर ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर

सीकर जिले में श्रीमाधोपुर उपखंड के गांव सांवलपुरा तंवरान (ढाणी लोहियावाली) का माहौल शुक्रवार को शोक में डूब गया। जब गांव के वीर सपूत शहीद रतनलाल गुर्जर की पार्थिव देह उनके पैतृक निवास पहुंची। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 14वीं बटालियन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात रतनलाल उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में ड्यूटी के दौरान ऑक्सीजन की कमी के चलते शहीद हो गए थे।

गांव पहुंचने पर शहीद की अंतिम झलक पाने के लिए हजारों लोग उमड़ पड़े। माहौल गमगीन था, लेकिन हर आंख गर्व से भी नम थी। शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़, विधानसभा प्रभारी अजय सिंह खर्रा समेत अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान शहीद रतनलाल को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ राजकीय सम्मान दिया गया।

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सबसे भावुक क्षण तब आया, जब शहीद के महज पांच वर्षीय पुत्र ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इसके पहले 70 वर्षीय माता-पिता और पत्नी ने नम आंखों से शहीद को सलामी दी। पूरे गांव ने वीर सपूत को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि यह परिवार पहले भी देश की सेवा में अपना एक बेटा खो चुका है। रतनलाल के बड़े भाई रामपाल गुर्जर भी वर्ष 2021 में जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। परिवार के दो बेटों की शहादत ने पूरे इलाके को गर्व और पीड़ा के मिश्रित भाव में झकझोर दिया है।

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अंतिम संस्कार के समय सेना, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों सहित आसपास के गांवों से भी भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। देशभक्ति के नारों के बीच शहीद रतनलाल की अंतिम यात्रा निकाली गई। गांववासियों ने उनके बलिदान को सदा याद रखने की बात कही और सरकार से शहीद की याद में स्मारक बनाए जाने की मांग भी उठाई। इससे पूर्व शहीद जवान रतनलाल गुर्जर के सम्मान में सैकड़ो युवाओं ने 22 किलोमीटर तक लंबी तिरंगा यात्रा भी निकाली तिरंगा यात्रा अजीतगढ़ से शुरू होकर उनके पैतृक गांव तक पहुंची।

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