बांसवाड़ा जिला मुख्यालय पर जयपुर रोड स्थित राजकीय बाल संप्रेषण गृह में बड़ी सुरक्षा चूक सामने आई है। यहां विधि से संघर्षरत चार किशोर शुक्रवार रात कमरे की दीवार में छेद कर फरार हो गए। इस घटना से बाल संप्रेषण गृह की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नाबालिगों के फरार होने की जानकारी शनिवार को कर्मचारियों को इस समय पता चली, जब उन्होंने किशोरों को उनके कमरों में नहीं पाया और दीवार में छेद देखा। उन्होंने सूचना बाल संप्रेषण गृह के अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को दी।
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साजिश के तहत भागे नाबालिग
बताया गया कि फरार हुए नाबालिगों ने भागने के लिए पहले साजिश रचा। भागने से पहले उन्होंने कमरे में सीसीटीवी कैमरे पर कपड़ा डाल दिया। इसके बाद उन्होंने किसी औजार की मदद से कमरे की दीवार में छेद किया और फिर दीवार पर लगे तारों को काटकर भाग निकले।
पुलिस दे रही दबिश
पुलिस उपाधीक्षक गोपीचंद मीणा ने बताया कि चार के फरार होने की सूचना विभिन्न थानों में दे दी है। उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास के इलाकों में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। हालांकि, अब तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस फरार किशोरों की तलाश में जुटी है और इस बात की जांच कर रही है कि नाबालिगों को भागने में किसी बाहरी व्यक्ति ने तो मदद नहीं की?
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पहले भी कई बार भागे
संप्रेषण गृह से बाल अपचारी के भागने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बाल अपचारी सुरक्षा को धत्ता बताकर फरार हो चुके हैं। शुक्रवार रात भागे बाल अपचारी नाबालिग से ज्यादती, लूट और चोरी के प्रकरण में शामिल थे।