बढ़ती महंगाई, रसोई गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि और बिजली कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में विभिन्न किसान यूनियनों ने सोमवार को मोगा के डीसी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोनों सरकारों के पुतले फूंके। इस अवसर पर किसान नेता बलबंत सिंह बहरामके ने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। यह संकट केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि मजदूर, छोटे दुकानदार, रेहड़ी-पटरी संचालक और मध्यम वर्ग भी महंगाई की मार झेल रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में यूरिया खाद के बहत संकट हे सरकार लगातार किसानों को गुमराह कर रहे कभी कहते हे यूरिया के बदले नैनो यूरिया मिलेंगे पर कुछ नहीं मिल रहे धान की बिजाई शुरू होने वाला हे शुरू से ही यूरिया खाद के संकट हे तो आगे जाकर क्या होगा। उन्होंने हाल ही में पटियाला में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे बिजली कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है और अपराध तथा नशे की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है।किसान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकारों ने किसानों, मजदूरों और आम जनता के हित में फैसले नहीं लिए तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे कर्मचारियों और किसानों पर बल प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।