पंजाब भाजपा में संगठनात्मक फेरबदल के बाद बगावती सुर उठे हैं। जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों से पुराने और वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी है। दिल्ली ने इस पूरे मामले में सीधे हस्तक्षेप किया है।प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों को दिल्ली बुलाया गया है। उन्हें संगठन में बढ़ते असंतोष को तत्काल नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय नेतृत्व 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इसे बड़ा संगठनात्मक संकट नहीं बनने देना चाहता। प्रदेश नेतृत्व को नाराज नेताओं से संवाद बढ़ाने को कहा गया है। सभी पक्षों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम करने के संकेत दिए गए हैं। ढिल्लों के पार्टी इस्तीफे देने वालों को दोबारा संगठन से जोड़ना चाहती है। होशियारपुर, लुधियाना, फरीदकोट, खन्ना, मुक्तसर और संगरूर में विरोध शांत करना प्राथमिकता है। सुखमिंदर ग्रेवाल और मनिंदर सिंह के इस्तीफों से नेतृत्व पर दबाव बढ़ा है। होशियारपुर में 111 पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफे दिए हैं। भाजपा नेतृत्व के सामने पुराने और टकसाली नेताओं की नाराजगी सबसे संवेदनशील मुद्दा है। इन नेताओं का आरोप है कि संगठनात्मक नियुक्तियों में उनकी अनदेखी की जा रही है। नए चेहरों को प्राथमिकता दी जा रही है। स्थिति संभालने के तहत हाईकमान अब वरिष्ठ नेताओं को विश्वास में लेना चाहता है। उन्हें यह संदेश दिया जाएगा कि पार्टी में उनकी भूमिका और सम्मान बरकरार है।