पंजाब में मानसून की तेज बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली लेकिन पठानकोट में हालात सबसे अधिक प्रभावित रहे। जिले में खड्ड और नदियां उफान पर आ गईं, भूस्खलन से सड़कें बंद हो गईं और कई गांवों का शहर से संपर्क टूट गया। मौसम विभाग ने आज भी राज्य के 11 जिलों में बेहद भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पठानकोट के धारकलां क्षेत्र में हरियाल की खड्ड और चक्की खड्ड में जलस्तर तेजी से बढ़ गया। नारायणपुर-लधेटी मार्ग पर भूस्खलन के कारण भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के बाढ़ सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर वर्ष अस्थायी मरम्मत की जाती है लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता। सड़क बंद होने से दर्जनों गांवों का शहर से संपर्क टूट गया। लोगों ने घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर प्रशासन पर समय पर राहत नहीं पहुंचाने का आरोप लगाया। रंजीत सागर डैम का जलस्तर मंगलवार को 503.35 मीटर दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश से डैम में 69,035 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। शाहपुरकंडी बांध का जलस्तर 402 मीटर तक पहुंच गया है जबकि इसकी क्षमता 404.50 मीटर है। वहां से 15,248 क्यूसेक पानी रावी नदी में छोड़ा जा रहा है। शाम को माधोपुर हेडवर्क्स के 52 फ्लड गेटों में से चार गेट चार-चार फुट तक खोलकर करीब 23 हजार क्यूसेक पानी पाकिस्तान की ओर छोड़ा गया ताकि जलस्तर नियंत्रित रखा जा सके।