उदयपुर के हिरण मगरी थाना क्षेत्र के झामर कोटड़ा स्थित पारोला गांव में रविवार दोपहर बाद एक दर्दनाक हादसा हुआ। तालाब किनारे कपड़े धो रही महिला पर अचानक मगरमच्छ ने हमला कर दिया और उसे पानी में खींच ले गया। महिला अपनी 12 वर्षीय बेटी को बचाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन खुद उसकी जान चली गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।
बेटी को बचाने के प्रयास में मां ने गंवाई जान
जानकारी के अनुसार, पारोला गांव की रहने वाली पेमी (33) पत्नी नाथूलाल सुबह अपनी बेटी के साथ जंगल में बकरियां चराने गई थी। दोपहर करीब तीन बजे वह तालाब किनारे कपड़े धो रही थी। तभी पानी से निकला मगरमच्छ अचानक उसकी बेटी पर झपटा। पेमी ने साहस दिखाते हुए बेटी को जोर से धक्का देकर बचा लिया, लेकिन उसी वक्त मगरमच्छ ने पीछे से हमला कर पेमी को अपने जबड़ों में दबोच लिया और पानी के भीतर खींच ले गया।
डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बरामद हुआ शव
बेटी की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े। उन्होंने तुरंत पुलिस और सिविल डिफेंस टीम को सूचना दी। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद महिला का शव तालाब से बरामद किया गया। शव क्षत-विक्षत हालत में मिला क्योंकि मगरमच्छ ने शरीर का कुछ हिस्सा खा लिया था। इस मंजर को देखकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
बागदड़ नेचर पार्क से जुड़ा इलाका, सुरक्षा पर सवाल
ग्रामीणों ने बताया कि यह तालाब बागदड़ नेचर पार्क के आसपास के इलाके में है और संभावना है कि मगरमच्छ वहीं से तालाब में आया हो। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग वहां इकट्ठा हो गए और प्रशासन से सुरक्षा के कड़े इंतजाम की मांग करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब किनारे कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण ऐसी घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है।
मासूम बेटी के सामने हुई त्रासदी
इस हादसे ने सबसे ज्यादा गहरा घाव उस मासूम बेटी को दिया, जिसकी आंखों के सामने मां ने अपनी जान कुर्बान कर दी। गांव के लोगों का कहना है कि बच्ची के लिए यह दृश्य जिंदगीभर भुलाना मुश्किल होगा। पूरे गांव में मातम का माहौल है और लोग इस दर्दनाक घटना को लेकर सदमे में हैं।