बिहार में एक बार फिर सत्ता का ताज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सिर सजने जा रहा है। एनडीए गठबंधन बिहार में बड़ी जीत दर्ज करने में कामयाब हुई। महिला वोटरों की पहली पसंद रहे नीतीश कुमार एक बार फिर अपने परंपरागत मतदाताओं के दम पर सत्ता में वापसी कर रहे हैं। उनकी बेदाग और सुशासन बाबू की छवि महागठबंधन के मुद्दों पर भारी पड़ी। नीतीश की इस जीत के कई मायने हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस चुनाव से पहले बिहार में अपने परंपरागत मतदाताओं को साधने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का एलान किया था। इसके तहत सरकार की ओर से 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी गई थी। इससे पहले भी नीतीश महिला मतदाताओं के रिझाने के लिए कई योजना का एलान कर चुके हैं।
चुनाव के एलान से पहले नीतीश कुमार की सेहत को लेकर चिंताएं जताई जा रही थीं। उनकी सेहत को लेकर कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। विपक्षी दलों के साथ-साथ चुनावी विश्लेषक नीतीश के स्वास्थ्य को एनडीए के लिए घातक मान रहे थे। लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान नीतीश कुमार संयमित दिखे, उनकी खराब सेहत के कोई वीडियो सामने नहीं आए।
चुनाव में नीतीश अपने काम को गिनाते नजर आए और विपक्ष को लेकर कोई ऐसी बयानबाजी नहीं की, जिससे उन्हें चुनाव में नुकसान पहुंचता।