रीवा शहर के कॉलेज चौक सहित अन्य इलाकों में लगे एक पोस्टर ने सनसनी फैला दी। शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर लगे आरएसएस बैन के पोस्टर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के द्वारा लगाए गए थे। बीती रात पोस्टर लगाने के बाद सोमवार को एक बार फिर एनएसयूआई के कार्यकर्ता पोस्टर लगाने के लिए निकल पड़े। कार्यकर्ताओं ने पोस्टर लगना शुरू ही किया था कि इससे पहले पुलिस की टीम आ धमकी और मौके से कई एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस कंट्रोल रूम ले आई है।
रविवार देर रात शहर के कॉलेज चौराहे में स्थित स्वामी विवेकानंद पार्क की बाउंड्रीवॉल में एनएसयूआई के द्वारा RSS संविधान के खिलाफ RSS BAN और RSS प्रमुख मोहन भागवत वाले पोस्टर चिपकाए गए थे। इसके बाद एक बार फिर सोमवार सुबह एनएसयूआई कार्यकर्ता पोस्टर लगाने के लिए शहर में निकल पड़े। जैसे ही उन्होंने पोस्टर लगाने शुरू किए, तभी इसकी भनक पुलिस को लग गई। तत्काल मौके पर पुलिस फोर्स पहुंच गई और पोस्टर लगा रहे 30 से अधिक एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम लाया गया। इसके बाद एनएसयूआई के समर्थन में कंट्रोल रूम पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने धरना दे दिया।
एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के दबाव में आकर पुलिस ने हमारे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। क्या इस लोकतांत्रिक देश में अपनी बातें रखना गुनाह है। जिलाध्यक्ष का कहना था कि भारतीय जनता पार्टी नाथूराम गोडसे के विचारधारा पर काम कर रही है, जिसको लेकर हम लोगों के द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर आरएसएस बैन का पोस्टर लगाया जा रहा था। पोस्टर के माध्यम से जनता तक बात पहुंचाई जा रही थी कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जिन्हें केवल दिखावे के लिए भाजपा इस्तेमाल करती है। हमारे द्वारा पोस्टर लगाया जा रहा था, मगर बीजेपी के इशारे पर हमे पुलिस के माध्यम से पोस्टर लगाने के लिए रोका गया।
छात्र गुट कर रहे थे उपद्रव, हिरासत में लेकर की जा रही कार्रवाई
मामले को लेकर एडिशनल एसपी विवेकलाल ने कहा कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र में छात्र गुटों के द्वारा उपद्रव किया जा रहा था। जिन्हें प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत हिरासत में लिया गया है और उसमें आगे की कर्रवाई की जा रही है। लगाए गए पोस्टर की जांच की जा रही है।