हाल ही में निरंजनी अखाड़ा में सन्यास लेने वाली स्वामी हर्षानंद गिरि ने युवाओं को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि आज के कई युवा नशे और भटकाव में आकर धर्म के खिलाफ बोलना कूल समझते हैं, जबकि ये समझदारी नहीं है। उनके अनुसार, जिस दिन युवा धर्म के पक्ष में खड़े होंगे और खुलकर अपनी बात रखेंगे, उसी दिन वो वास्तव में कूल कहलाएंगे।