दमोह जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के घंटाघर के नजदीक संचालित राजकुमार किराना दुकान में बुधवार रात अज्ञात चोरों ने शटर तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया था। इस घटना में सबसे बड़ी बात यह है कि सामने ही पुलिस का ड्यूटी प्वाइंट रहता है, जहां पूरे दिन कोई न कोई पुलिसकर्मी तैनात रहता है। लेकिन, मामले में नया मोड़ गुरुवार रात आया, जब चोरी का सामान जिला अस्पताल के डॉक्टर के घर के बाहर से बरामद किया गया। अब पुलिस अज्ञात चोरों की तलाश करने के साथ ही डॉक्टर के मामले की भी जांच कर रही है।
दुकान के संचालक सुमित कुमार ने बताया कि घंटाघर पर उनकी राजकुमार किराना के नाम से थोक दुकान संचालित है। बुधवार रात अज्ञात चोरों ने शटर के ऊपरी हिस्से को तोड़कर दुकान में घुसकर चोरी की घटना को अंजाम दिया है। दुकान में रखे काजू, किशमिश के पैकेट और लोशन की बोतलें लेकर चोर भागे हैं। करीब 30,000 रुपए के सामान की चोरी हुई है। सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। हैरानी की बात यह है कि घंटाघर के बिल्कुल नजदीक ही यह दुकान संचालित है। यहां पर रात के समय भी पुलिस पहरा देती है, इसके बाद भी अज्ञात चोरों ने दुकान में घुसकर चोरी कर ली और पुलिस को खबर ही नहीं हुई।
चोरी की घटना में गुरुवार रात नया मोड़ आ गया, जब चोरी का माल जिला अस्पताल के प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह के घर के बाहर से बरामद किया गया। हालांकि, डॉक्टर की सूचना पर ही कोतवाली पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और उसके घर से माल बरामद कर लिया। प्रबंधक डॉ. सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह पांच बजे अस्पताल के गार्ड को यह सामान मिला था, जिसकी जानकारी उनके पास आई थी। इसलिए उन्होंने अपने निवास पर समान रखवा लिया था और अस्पताल में जानकारी ली कि क्या अपने यहां कोई चोरी हुई है। जब पता चला कि सामग्री जिला अस्पताल की नहीं है, तब रात में पुलिस को सूचना दी। हालांकि, रोचक बात यह है कि सुबह पांच बजे जानकारी लगने के बाद रात 9 बजे उन्होंने पुलिस को सूचना क्यों दी और चोरी का माल अपने सरकारी निवास पर क्यों रखवाया, इसकी जांच भी पुलिस करेगी।
कोतवाली टीआई आनंद राज ने बताया कि घंटाघर पर किराना दुकान में हुई चोरी के आरोपियों की खोजबीन वे कर रहे थे। रात में डॉक्टर ने किसी सामग्री के उनके आवास पर मिलने की जानकारी दी। मौके पर देखा तो वह किराना दुकान का चोरी का माल था। तत्काल दुकानदार को बुलाया गया और वह माल पहचान गया, जिसे सुपुर्द किया गया। यह बात महत्वपूर्ण है कि इतने घंटे बाद डॉक्टर ने पुलिस को सूचना क्यों दी, सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
चोरी की सामग्री जब्त करते टीआई
चोरी की सामग्री जब्त करते टीआई