शहर का सागर नाका रेलवे ओवरब्रिज चार साल बाद फिर रोशनी से जगमगाएगा, क्योंकि इसके बकाया बिजली बिल की राशि सांसद और विधायक ने स्वीकृत कर दी है। बता दें 2018 में तैयार सरदार वल्लभ भाई पटेल ओवरब्रिज में लगाई गई लाइटें लगभग एक साल तक चालू रहीं, इसके बाद बिजली बिल जमा करने को लेकर नगर पालिका और ग्राम पंचायत ने हाथ खड़े कर दिए थे। क्योंकि ब्रिज का आधा हिस्सा ग्राम पंचायत क्षेत्र और आधा हिस्सा नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत आता है।
ऐसे में विद्युत वितरण कंपनी को बिजली बिल की बकाया राशि नहीं मिलने पर लाइट बंद करा दी गई थी। इस बीच कुछ लाइटें खराब भी हो चुकी हैं। अब लाइट चालू कराने के लिए दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी, दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया की और से पांच-पांच लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।
बंद लाइटों को पुनः चालू कराने के लिए नगर पालिका को एजेंसी बनाया गया है। अगले महीने पांच जनवरी तक लाइटों का सुधार कार्य कराकर बिल की राशि जमा कराकर पुनः चालू कराने कहा गया है। सागर नाका ओवरब्रिज पर 80 लाइटें दोनों ओर लगी हैं। साथ ही दो हाई मास्क लाइटें लगी हैं। ब्रिज चालू होने के बाद करीब एक साल तक लाइटें चालू रहीं। इसका एक लाख 96 हजार रुपए बिल बकाया हो गया था। जिससे लाइट बंद कर दी गई थीं।
इस बीच कुछ लाइटें खराब हो चुकी है। खास बात यह है कि ओवरब्रिज की लाइटों का सुधार कार्य करवाने एवं बकाया बिल की राशि जमा कराने नगर पालिका को काम सौंपा गया है। 10 लाख रुपए की राशि से सुधार कार्य एवं बकाया राशि जमा कराने के बाद इसका आगे रख रखाव कौन करेगा तय नहीं हुआ है।
नगर पालिका के उपयंत्री शोभित अग्रवाल का कहना है
सांसद और विधायक की ओर से पांच-पांच लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। जिसमें लगभग 2 लाख बिजली बिल बकाया जमा किया जाना है। बंद लाइटों को ठीक कराकर चालू किया जाना है। आगे क्या करना है वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर काम किया जाएगा।
विद्युत वितरण कंपनी के उपयंत्री आरके अरोरा का कहना है
सागर नाका ओवरब्रिज की लाइटों का बिजली बिल एक लाख 96 हजार रुपए बकाया है जो अब तक जमा नहीं हुआ है।