दमोह जिले में शीतलहर चलने से काफी तेज ठंड हो रही है। इस सीजन में पहली बार रात का तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के पिछले 18 वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिसंबर महीने में इससे कम तापमान पहले कभी नहीं रहा। इसके पहले वर्ष 2005 में दिसंबर में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री पहुंचा था। उसके पहले वर्ष 2001 में 6.1 डिग्री तापमान था।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे ठंड का असर बढ़ा है। हालांकि, सुबह के समय कोहरा न के बराबर है। वहीं, दोपहर में तेज धूप निकल रही है, जिससे तेज ठंड होने के बावजूद भी जनजीवन पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। लेकिन आगे भी न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना है।
शीतलहर के चलते सर्द हवाओं की चपेट में आने से लोग बीमार पड़ रहे हैं, जिससे अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, बुखार, खासी के मरीज बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 400 से 500 मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में लोगों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। खासकर बुजुगों व बच्चों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गिरीश जैन ने बताया कि शीतलहर से बचने के लिए जब भी घर से बाहर निकले खुद को कपड़ों की लेयर से ढक लें। कान, नाक, गला, हाथ, पैर और खासकर सिर को अच्छी तरह से ढक लें। मास्क पहनना न भूलें। इससे आप कोल्ड वेव से बच सकते हैं। गर्म कपड़े हमेशा ढीले ढाले ही पहनें, इससे सांस लेने में परेशानी नहीं होगी।
फसलों को होगा नुकसान
मौसम विशेषज्ञ डॉ. राजेश खबसे के अनुसार, वर्तमान में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री पहुंच गया है, जिससे अभी फसलों को ठंड से फायदा है। लेकिन यदि तापमान इससे नीचे पांच डिग्री तक पहुंचता है तो इससे फसलों को पाला पड़ने की संभावना बनी रहती है।
पिछले एक सप्ताह में यह रहा तापमान
तारीख-अधिकतम-न्यूनतम
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6 दिसंबर 29.0 14.5
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7 दिसंबर 28.0 15.5
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8 दिसंबर 27.0 14.5
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9 दिसंबर 26.8 12.6
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10 दिसंबर 24.0 9.0
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11 दिसंबर 24.5 8.0
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12 दिसंबर 24.4 7.8
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13 दिसंबर 24.5 7.4
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14 दिसंबर 24.8 6.5