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West Bengal Bulldozer Action News: बंगाल में अवैध कब्जों पर बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट की रोक!

Sun, 17 May 2026 03:36 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

पश्चिम बंगाल अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अहमद हसन इमरान ने कहा, "इस मामले में उच्च न्यायालय ने फिलहाल रोक आदेश जारी किया है.कोलकाता में मुस्लिम समुदाय आवास के गंभीर संकट का सामना कर रहा है। वे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहने के लिए मजबूर हैं क्योंकि बंगाल जैसे प्रगतिशील राज्य में भी हिंदू बहुल क्षेत्रों में रहने वाले हिंदू अक्सर मुसलमानों को घर किराए पर देने से इनकार कर देते हैं अनौपचारिक अनुमतियों की एक व्यवस्था बन गई थी; नगर पार्षदों को रिश्वत देकर लोग तीन मंजिला तक की इमारतें बनाने में कामयाब हो गए थे। हमने इस मुद्दे को औपचारिक रूप से उठाया है और हम मुख्यमंत्री से अपील करने का इरादा रखते हैं कि जुर्माना अदा करने पर इन ढांचों को नियमित किया जाए.इन कार्रवाइयों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।"

पश्चिम बंगाल में Suvendu Adhikari के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने की बात वर्तमान राजनीतिक स्थिति के अनुसार सही नहीं है, क्योंकि राज्य में अभी भी Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली All India Trinamool Congress की सरकार सत्ता में है। हालांकि, राज्य में अवैध निर्माणों, अतिक्रमण और गैरकानूनी कब्जों को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज होती रही है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी समय-समय पर राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था और अवैध निर्माणों के मुद्दे पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने कई बार आरोप लगाया है कि कुछ क्षेत्रों में राजनीतिक संरक्षण के कारण अवैध निर्माण बढ़े हैं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी संदर्भ में बुलडोजर कार्रवाई और अवैध निर्माण हटाने को लेकर चर्चाएं सामने आती रही हैं। देश के कई राज्यों में अवैध कब्जों और गैरकानूनी निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती के प्रतीक के रूप में देखा गया है और पश्चिम बंगाल में भी इस विषय पर राजनीतिक बयानबाजी तेज रही है। 


भाजपा नेताओं का कहना है कि यदि राज्य में उनकी सरकार बनती है, तो कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध निर्माणों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में प्रशासन द्वारा समय-समय पर अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती रही है, जिसमें स्थानीय प्रशासन और नगर निकाय शामिल रहते हैं। हालांकि, इन कार्रवाइयों को लेकर कई बार विवाद भी सामने आए हैं और विपक्षी दलों ने चयनात्मक कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में बुलडोजर राजनीति आने वाले समय में एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकती है, क्योंकि भाजपा कानून व्यवस्था और अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कर रही है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे राजनीतिक ध्रुवीकरण से जोड़कर देखता है। कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल में अवैध निर्माणों और अतिक्रमण के मुद्दे पर राजनीति लगातार गर्म है, लेकिन यह कहना कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के बाद बुलडोजर कार्रवाई जारी है, वर्तमान परिस्थितियों में तथ्यात्मक रूप से सही नहीं माना जाएगा।

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