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Waqf Amendment Act: वक्फ एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद क्या बोले उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष

Tue, 16 Sep 2025 03:58 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

 सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून के कुछ प्रावधानों पर अंतरिम रोक लगा दी है. अब कलेक्टर को प्रॉपर्टी विवाद पर निर्णय लेने का अधिकार नहीं होगा. हालांकि, यह रोक तब तक के लिए है, जब तक कि संशोधन की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने इस मामले में अंतरिम राहत पर फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने 22 मई को फैसला सुरक्षित रखा था. आज कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि कानून के संपूर्ण प्रावधानों पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं है, लेकिन कुछ धाराओं पर अंतरिम संरक्षण जरूरी है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम यह भी मानते हैं कि वक्फ बोर्ड में 3 से अधिक गैर-मुस्लिम सदस्य नहीं होने चाहिए और कुल मिलाकर 4 से अधिक गैर-मुस्लिम सदस्य नहीं होने चाहिए. इस मामले में CJI बी आर गवई और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने अपना फैसला सुनाया. CJI ने कहा कि हमने बहस सुनी थी कि क्या पूरे संशोधन अधिनियम पर रोक लगाई जाए या नहीं. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हमने माना है कि पूर्वधारणा हमेशा क़ानून की संवैधानिकता के पक्ष में होती है ⁠और हस्तक्षेप केवल दुर्लभतम मामलों में ही किया जाता है.

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 के उस प्रावधान पर रोक लगा दी है जिसके तहत वक्फ बनाने के लिए किसी व्यक्ति को 5 साल तक इस्लाम का अनुयायी होना ज़रूरी था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह प्रावधान तब तक स्थगित रहेगा जब तक यह तय करने के लिए नियम नहीं बन जाते कि कोई व्यक्ति इस्लाम का अनुयायी है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के सभी प्रावधानों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. हालांकि, कोर्ट का कहना है कि कुछ धाराओं को संरक्षण की ज़रूरत है.

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