सोनभद्र खदान हादसे पर DM चंद्र विजय सिंह ने बताया, "कल रात से ही हम लोग यहां प्रयास कर रहे हैं। एक व्यक्ति का शव मिल गया है जिसका पोस्टमार्टम करवाकर, उनका दाह संस्कार करवाए जाने की व्यवस्था की जा रही है.चट्टान को हटाने का प्रयास किया जा रहा है.हमें उम्मीद है कि आगामी कुछ घंटों में हमारा प्रयास सफल हो जाएगा.यह चट्टान लगभग 70-75 टन भारी है और उसके हटने के बाद ही सारी स्थिति साफ हो पाएगी... रेस्क्यू अभियान रात भर चल सकता है.स्थानीय थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में शनिवार, 15 नवंबर 2025 की दोपहर यह भीषण हादसा हुआ, जब कृष्णा माइनिंग वर्क्स की पत्थर की एक खदान का एक विशाल हिस्सा अचानक धंस गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना हेवी ब्लास्टिंग के दौरान ड्रिलिंग के कारण हुई, जिससे लगभग 300 फीट गहरी खदान में भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिर गईं। इस घटना के समय खदान में काम कर रहे करीब 15 से 18 मजदूरों के मलबे में दबने की आशंका जताई गई। हादसे के बाद खदान मालिक और पार्टनर मौके से फरार हो गए।
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और तत्काल राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), सीआईएसएफ, पुलिस और दमकल विभाग की टीमों को बचाव कार्य के लिए मौके पर तैनात किया गया। 300 फीट गहरी खदान और भारी भरकम चट्टानों के मलबे के कारण बचाव कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा, जिसे युद्धस्तर पर जारी रखा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई अन्य मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका बनी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए राहत और बचाव कार्यों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। घटना के संबंध में खदान मालिक और दो पार्टनर के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने अवैध खनन की गतिविधियों की भी जांच के आदेश दिए हैं, क्योंकि मंत्री संजीव सिंह ने भी कहा था कि जानकारी के अनुसार उस दिन खदानों में काम बंद रहने की सूचना थी।