सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को अब सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का भी समर्थन मिला है। अन्ना ने कहा कि सरकार को उनकी सीमाओं की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे उनकी मांगों पर हां कहे या ना, लेकिन बातचीत करने में कोई बुराई नहीं है। इस बीच वांगचुक ने ड्रिप और मुंह से किसी भी तरह का तरल पदार्थ लेने से इनकार कर दिया है। हालांकि डॉक्टरों के अनुसार उनका ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल और नाड़ी की रफ्तार सामान्य है तथा वह पूरी तरह होश में हैं और बातचीत भी कर रहे हैं।
दूसरी ओर, सोनम वांगचुक की पत्नी ने साफ किया है कि 20 जुलाई को संसद घेरने का कार्यक्रम तय योजना के अनुसार ही होगा और जंतर-मंतर से हटाए जाने के बावजूद इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसे देखते हुए जंतर-मंतर, संसद भवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है तथा प्रशासन लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।