तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता Kunal Ghosh ने उनके घर सीआईडी (CID) टीम के पहुंचने को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सीआईडी जैसी जांच एजेंसी का दुरुपयोग कर रहे हैं और इसे राजनीतिक तथा व्यक्तिगत दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। कुणाल घोष ने कहा कि जब सीआईडी के अधिकारी उनके घर पहुंचे, उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थे। अधिकारियों के आने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने खुद संपर्क कर उनसे अगले दिन सुबह 11 बजे आने का अनुरोध किया था ताकि वह उनसे मुलाकात कर सकें और यदि कोई पूछताछ या जानकारी चाहिए हो तो सहयोग कर सकें।
कुणाल घोष के अनुसार, उन्होंने तय समय के अनुसार अगले दिन अधिकारियों का इंतजार किया। वह सुबह से लेकर दोपहर करीब 3 बजे तक अपने घर पर मौजूद रहे, लेकिन सीआईडी की टीम वहां नहीं पहुंची। इसके बाद उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े किए और कहा कि यदि जांच एजेंसी को वास्तव में किसी मामले में उनसे बात करनी थी, तो तय समय पर अधिकारियों को पहुंचना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस तरह पहले घर पहुंचना और फिर तय समय पर न आना यह दर्शाता है कि इस कार्रवाई के पीछे कोई अन्य उद्देश्य हो सकता है।
टीएमसी नेता ने इस घटना को परेशान करने वाला और अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि वह किसी भी वैधानिक जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन एजेंसियों का इस्तेमाल किसी व्यक्ति को मानसिक रूप से परेशान करने या राजनीतिक संदेश देने के लिए नहीं होना चाहिए। कुणाल घोष ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जांच एजेंसियों की निष्पक्षता बेहद जरूरी है और यदि उनका दुरुपयोग होता है तो इससे संस्थाओं की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है।
इस पूरे मामले के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर पहले भी आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। अब कुणाल घोष के बयान के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। हालांकि सीआईडी की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।