फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shubhanshu Shukla Return to Earth: ISRO ने भारतीय एस्ट्रोनॉट के प्रयोग को सफल बताया। Gaganyan

Tue, 15 Jul 2025 10:53 AM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

इसरो ने सोमवार को बताया कि अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने सभी सात सूक्ष्मगुरुत्व प्रयोगों और अन्य नियोजित गतिविधियों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिससे एक्सिओम-4 मिशन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है. इसरो ने बताया कि टार्डिग्रेड्स के भारतीय स्ट्रेन, मायोजेनेसिस, मेथी और मूंग के बीजों का अंकुरण, साइनोबैक्टीरिया, सूक्ष्म शैवाल, फसल के बीज और वॉयेजर डिस्प्ले पर प्रयोग योजना के अनुसार पूरे हो गए हैं.रविवार को, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर एक्सपेडिशन 73 के चालक दल के सदस्य, एक्सिओम-4 के चालक दल के सदस्यों के साथ, इसरो के गगनयात्री सहित, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से एक्सिओम-4 मिशन के चालक दल के प्रस्थान से पहले एक विदाई समारोह में शामिल हुए.इसरो ने कहा कि शुभांशु शुक्ला ने विदाई समारोह में बोलते हुए, वैज्ञानिक अनुसंधान पोर्टफोलियो, संबंधित प्रोटोकॉल विकसित करने और राष्ट्रीय भागीदारी के साथ छात्र आउटरीच गतिविधियों को डिजाइन करने के लिए टीम इसरो के साथ-साथ अभियान 73 के चालक दल के सदस्यों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.


शुक्ला और एक्सिओम-4 मिशन के तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों ने सोमवार को पृथ्वी की ओर अपनी वापसी यात्रा शुरू की, जब ड्रैगन ग्रेस अंतरिक्ष यान 18 दिनों के प्रवास के बाद अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अनडॉक हो गया. अनडॉक होने के बाद कई कक्षीय प्रक्रियाओं के बाद, ड्रैगन अंतरिक्ष यान के मंगलवार को दोपहर 3.01 बजे भारतीय समयानुसार कैलिफोर्निया तट के पास उतरने की उम्मीद है.सैटकॉम इंडस्ट्री एसोसिएशन-इंडिया के महानिदेशक अनिल प्रकाश ने कहा कि शुक्ला का आईएसएस पर 18 दिनों का मिशन न केवल एक मील का पत्थर है, बल्कि यह स्पेस बायो-टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की छलांग का प्रतीक है. प्रकाश ने कहा कि रणनीतिक निजी क्षेत्र की भागीदारी से संभव हुआ यह मिशन एक शक्तिशाली सार्वजनिक-निजी साझेदारी को दर्शाता है, जो अंतरिक्ष अनुसंधान को स्थायी बायो-टेक्नोलॉजी इनोवेशन में बदल रहा है.स्पेसएक्स का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ‘ग्रेस’ अब साढ़े 22 घंटे की यात्रा के बाद मंगलवार 15 जुलाई को भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 3 बजे अमेरिका के कैलिफोर्निया तट के पास समुद्र में स्प्लैशडाउन करेगा.


यह मिशन भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए ऐतिहासिक था, क्योंकि चार दशकों बाद इन देशों के अंतरिक्ष यात्रियों ने किसी मानवयुक्त मिशन में भाग लिया. मिशन का नेतृत्व अमेरिका की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री और Axiom की कमांडर पेगी व्हिटसन ने किया. भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन गगनयान के लिए शुभांशु शुक्ला प्रमुख दावेदार हैं.
ISRO पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन 2027 में लॉन्च करने की तैयारी में है.
 

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें