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Russia-Ukraine War: रूसी हमले के बाद ट्रंप के टैरिफ के समर्थन में उतरे जेलेंस्की, किस ओर किया इशारा?

Mon, 08 Sep 2025 02:52 PM IST
आदर्श वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

6 अगस्त की रात रूस-यूक्रेन युद्ध ने नया मोड़ ले लिया। रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया, जिसमें सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। राजधानी कीव समेत कई शहर घंटों तक दहलते रहे। इसी बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस से व्यापार जारी रखने वाले देशों पर सख्त टैरिफ और प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने साफ कहा कि रूस की आक्रामकता को रोकने के लिए केवल शब्दों से काम नहीं चलेगा, ठोस कदम उठाने होंगे। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिए हैं कि वे रूस पर प्रतिबंधों के दूसरे चरण की तैयारी कर रहे हैं।

शनिवार रात रूस ने यूक्रेन पर 800 से ज्यादा ड्रोन और 13 मिसाइलें दागीं, जिनमें 4 बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं। राजधानी कीव में 11 घंटे तक एयर-रेड सायरन बजते रहे। कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स की इमारत पर हमला हुआ, जिससे ऊपरी मंजिलों में भीषण आग लग गई। यह पहला मौका था जब किसी सरकारी इमारत को इस तरह निशाना बनाया गया।

रिहायशी इलाकों पर भी ड्रोन हमले हुए। कई इमारतें तबाह हो गईं। शुरुआती रिपोर्टों में दावा किया गया कि कुछ ड्रोन बेलारूस की दिशा से यूक्रेन में दाखिल हुए। इस हमले में एक बच्चे समेत कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए।

हमले के तुरंत बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अब वक्त सिर्फ बयानबाजी का नहीं है। उन्होंने लिखा – “रूस और उससे जुड़े व्यक्तियों पर सख्त प्रतिबंध, टैरिफ और व्यापार पर रोक लगनी चाहिए। रूस को आर्थिक नुकसान महसूस होना जरूरी है, तभी दुनिया को असली नतीजे दिखाई देंगे।”

एक इंटरव्यू में जेलेंस्की से पूछा गया कि चीन में पीएम नरेंद्र मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात को वह कैसे देखते हैं और क्या उन्हें लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत पर टैरिफ लगाने की योजना उलटी पड़ सकती है? इस पर उन्होंने जवाब दिया – “रूस के साथ सौदे जारी रखने वाले देशों पर टैरिफ लगाना सही विचार है।”

जेलेंस्की ने कहा कि पुतिन दुनिया की सहनशीलता की परीक्षा ले रहे हैं और अब ठोस कार्रवाई के बिना हालात काबू में नहीं आएंगे।

रूस के हमले और जेलेंस्की की नाराजगी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिए हैं कि अमेरिका रूस पर नए प्रतिबंध लगाने जा रहा है। व्हाइट हाउस में जब उनसे पूछा गया कि क्या वे सीधे व्लादिमीर पुतिन को निशाना बनाएंगे, तो उन्होंने कहा – “हां… मैं तैयार हूं।”

ट्रंप पहले भी रूस और उसके तेल खरीदारों पर कड़े प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दे चुके हैं। अब माना जा रहा है कि प्रतिबंधों के दूसरे चरण में ऊर्जा और वित्तीय क्षेत्रों को टारगेट किया जा सकता है।

रूस का यह हमला न सिर्फ यूक्रेन बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। यूरोपीय संघ और नाटो देशों ने इस हमले की निंदा की है। कई देशों का कहना है कि रूस की बढ़ती आक्रामकता अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने रूसी तेल और गैस पर टैरिफ या प्रतिबंध बढ़ा दिए, तो रूस की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है। हालांकि, यह भी सवाल है कि क्या भारत और चीन जैसे बड़े देश इन कदमों का समर्थन करेंगे या नहीं।

रूस-यूक्रेन युद्ध में 6 अगस्त की रात का हमला नए अध्याय की शुरुआत है। जेलेंस्की की मांग है कि दुनिया अब और कठोर हो, जबकि ट्रंप ने भी नए प्रतिबंधों का इशारा दे दिया है। सवाल यही है कि क्या आर्थिक दबाव रूस को पीछे हटाएगा या फिर यह संघर्ष और लंबा खिंच जाएगा।

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