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Nimisha Priya Case: ग्रैंड मुफ्ती में शरिया का वो कानून बताया जिससे बच जाएगी निमिषा की जान। Yemen

Wed, 16 Jul 2025 11:06 AM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

यमन की जेल में बंद केरल की नर्स निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को फांसी होने वाली थी. हालांकि ये सजा केरल के ग्रैंड मुफ्ती शेख कांथापुरम एपी अबूबकर मुस्लियार के हस्तक्षेप के कारण फिलहाल के लिए टल गई है. मुफ्ती ने बताया कि इस्लाम के कानून में पीड़ित परिवार को हत्यारे को माफ करने का अधिकार है. पीड़ित परिवार के साथ बात करने की कोशिश जारी है. ऐसे में अब निमिषा की क्षमा याचना की संभावना बनी हुई है.अबूबकर ने बताया कि इस्लाम में एक ऐसा कानून है जो पीड़ित के परिवार को हत्यारे को माफ करने की अनुमति देता है. अगर पीड़ित का परिवार चाहे तो हत्यारे को माफ कर सकता है. उन्होंने कहा कि वह पीड़ित के परिवार को नहीं जानते हैं. इसके बाद भी उन्होंने यमन के विद्वानों से संपर्क किया और उनसे परिवार से बात करने का आग्रह किया है.


उन्होंने कहा कि इस्लाम एक ऐसा धर्म है जो मानवता को बहुत महत्व देता है.सनद रहे कि निमिषा प्रिया को फांसी की सजा पर वहां के सुप्रीम कोर्ट की मुहर लगने के बाद उनके बचने का एकमात्र तरीका इस्लामिक कानून के मुताबिक “ब्लड मनी” ही रह गया है। इसके तहत पीड़ित परिवार एक राशि ले कर निमिषा प्रिया को माफी दे सकते हैं।केरल निवासी निमिषा प्रिया पढ़ाई के बाद यमन में नौकरी करने चली गई थी। वहां उन्होंने यमनी नागरिक तलत अबोद मेंहदी के साथ क्लीनिक शुरू की थी। मेंहदी उनका आर्थिक व शारीरिक शोषण करता था। प्रिया का पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज पर भी उसने कब्जा कर रखा था। बाद में प्रिया ने अपने पति व बच्चे को भारत भेज दिया था। यमन अदालत में दर्ज मामले के मुताबिक अपना पासपोर्ट हासिल करने के लिए भारतीय नर्स ने मेंहदी को बेहोशी का इंजेक्शन दिया था लेकिन इसकी वजह से उसकी मौत हो गई थी।निमिषा प्रिया के मामले में लगभग ये तय हो चुका था कि 16 जुलाई को फांसी होगी.


ऐसे में बहुत कम उम्मीद थी कि प्रिया की फांसी किसी तरह टाली जा सकती है. वहीं इस पूरे मामले में केरल के ग्रैंड मुफ्ती की कोशिश रंग लाई.ग्रैंड मुफ़्ती कंथापुरम के अनुसार, उन्होंने यमन के इस्लामी विद्वानों से हस्तक्षेप करने के लिए संपर्क किया था. उन विद्वानों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनसे बातचीत की. यमन के विद्वानों की तरफ से कहा कि वे जो कर सकते हैं, करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अब जब फांसी की तारीख टल गई है, तो इससे पीड़ित परिवार के साथ चल रही बातचीत को आगे बढ़ाने का एक रास्ता मिल गया है.मुफ्ती ने बताया “मैंने केंद्र सरकार को भी बातचीत और प्रक्रिया के बारे में सूचित कर दिया है. उन्होंने आगे कहा, “मैंने प्रधानमंत्री कार्यालय को भी एक पत्र भेजा है.” ग्रैंड मुफ्ती और सुन्नी नेता कंथापुरम एपी अबू बकर मुसलियार ने अपने इंस्टा हैंडल पर यमन सरकार का एक पत्र भी शेयर किया है. जिसमें अरबी भाषा में लिखा है कि अटॉर्नी जनरल के निर्देश के आधार पर, निमिषा प्रिया की मौत की सजा, जिसे बुधवार, 16 जुलाई, 2025 को निष्पादित किया जाना था, स्थगित कर दी गई है. 

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