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NATO Chief Warn India China: Modi-Putin-Jinping को धमकी दे रहे थे ट्रंप, रूस से तेल खरीदेगा भारत ?

Wed, 16 Jul 2025 02:45 PM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

नाटो के महासचिव मार्क रूट ने बुधवार को भारत, ब्राजील और चीन को बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहकि अगर ये सभी देश रूस के साथ व्यापार जारी रखते हैं, तो उन पर कड़ी में बहुत सख्त प्रतिबंध लगाया जा सकता है। नैटो ट्रंप के साथ सुर में सुर क्यों मिला रहा है पहले ये समझिए...इससे भारत का रूस से तेल खरीदने का जो सिलसिला चल रहा है, उस पर असर पड़ सकता है। दरअसल, अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौता होने की बात चल रही है। ऐसे में, अगर अमेरिका भारत पर टैक्स लगाता है, तो भारत को रूस से तेल खरीदने पर मिलने वाले फायदे से ज्यादा नुकसान हो सकता है। भारत और चीन रूसी तेल के बड़े खरीदार हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस ने सस्ते में भारत को कच्चा तेल ऑफर किया था और आज रूस भारत का सबसे बड़ा ऑयल सप्लायर है।हालांकि ट्रंप की घोषणा के बाद तेल बाजार में ज्यादा हलचल नहीं हुई क्योंकि टैक्स लगने में अभी समय है।

ब्रेंट क्रूड का बेंचमार्क $70/बैरल से नीचे रहा। पश्चिमी देशों ने यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। इसलिए, भारतीय रिफाइनरी कंपनियां फरवरी 2022 से रूस से सस्ते दामों पर तेल खरीद रही हैं। भारत अपनी जरूरत का एक तिहाई तेल रूस से खरीदता है। युद्ध से पहले, यह आंकड़ा 1% से भी कम थाअगर ट्रंप अपनी धमकी पर अमल करते हैं तो तो इस बार स्थिति अलग हो सकती है। पश्चिमी मीडिया में आई खबरों के अनुसार, अगर कोई देश रूस से व्यापार करता है, तो उस पर भारी टैक्स लगेगा। इसका असर उस देश के सभी एक्सपोर्ट पर होगा। पहले सिर्फ उन कंपनियों पर जुर्माना लगता था जो रूस के साथ व्यापार कर रही थीं। अगर ऐसा होता है, तो भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को रूस की जगह दूसरे देशों से तेल खरीदना होगा। उन्हें पश्चिम एशिया और ब्राजील जैसे देशों से तेल लेना होगा। लेकिन इन देशों से तेल खरीदना महंगा होगा। उन्हें प्रति बैरल $4-5 ज्यादा देने होंगे। दरअसल नाटो महासचिव मार्क रूट ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस के सीनेटरों से मुलाकात की है। बता दें कि ट्रंप इससे पहले कई बार इस तरह की चेतावनी इन देशों को दे चुके हैं।

वहीं मार्क रूट की यह टिप्पणी तब आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के लिए नए हथियारों की घोषणा करने के साथ यह भी कहा है कि अगर 50 दिनों में शांति समझौता नहीं हुआ तो रूसी निर्यात के खरीदारों पर 100% का “कठोर” द्वितीयक टैरिफ लगाया जाएगा।  रूट ने संवाददाताओं से कहा, "मेरी खास सलाह इन तीन देशों के लिए है कि अगर आप अभी बीजिंग, दिल्ली में रहते हैं या ब्राजील के राष्ट्रपति हैं, तो आपको इस पर गौर करना चाहिए क्योंकि इसका प्रभाव आप पर बहुत भारी पड़ेगा।" उन्होंने कहा, "तो कृपया व्लादिमीर पुतिन को फोन करें और उन्हें कहें कि उन्हें शांति वार्ता को गंभीरता से लेना होगा, नहीं तो इसका असर ब्राजील, भारत और चीन पर बहुत बड़ा होगा।" अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने ट्रंप के इस कदम की सराहना की, लेकिन कहा कि 50 दिनों की अवधि उन्हें चिंतित करती है।
 

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