मध्यप्रदेश के जबलपुर के रहने वाले इंद्र कुमार तिवारी की हत्या का खुलासा हो गया है। हत्याकांड में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं, जो बातें सामने आई हैं वो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। क्राइम पेट्रोल सीरियल में संपत्ति हड़पने के लिए इस तरह की कहानी देखकर साहिबा बानो और उसके पति ने इंद्र कुमार को फंसाने की साजिश रची।
साहिबा बानो और उसके पति ने देखा कि इंद्र कुमार के पास जमीन के साथ-साथ नौकरी भी है और वह विवाह करने के लिए परेशान है। जिसका फायदा उठाते हुए दोनों ने फर्जी शादी कर उसका धन हड़पने की योजना बनाई। सबसे पहले साहिबा बानो ने इंद्र कुमार पर प्रभाव डालने और खुद को उसका सजातीय बताने के लिए खुशी तिवारी नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाया।
हालांकि शादी की पूरी तैयारी करने के बाद इंद्र कुमार तिवारी 2 जून को जबलपुर से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के लिए रवाना हुए, लेकिन इसी बीच युवती और उसके सहयोगियों ने गले में चाकू घोंपकर इंद्र की बेरहमी से हत्या कर दी.इस घटना के बाद मृतक के परिजन और पड़ोसी गमगीन हैं. मृतक इंद्र कुमार तिवारी जबलपुर के मझौली तहसील के पड़वार गांव में ही गेस्ट टीचर थे, लेकिन जालसाजों ने शादी के नाम पर जाल बिछाया और उनकी बेरहमी से हत्या कर दी.
5 जून को इंद्र और खुशी की एक निजी होटल में रस्में निभाकर शादी कर दी गई। जिसकी फोटो भी खिंचाई गई। रात को जब खाना दिया, तब पनीर राइस में नींद की गोलियां मिला दी गई। जिसे खाते ही इंद्र बेहोश हो गया। इसके बाद कार चालक शमसुद्दीन की मदद से इंद्र को कार में ले जाकर कुशीनगर के हाटा थाना इलाके में चाकू से हत्या कर दी गई और शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया।
6 जून को कुशीनगर पुलिस को अज्ञात शव बरामद हुआ। जिसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। 5 जून की रात से ही इंद्र के फोन बंद पाया था। परिजनों ने थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई। जबलपुर पुलिस के द्वारा कॉल डिटेल निकाली गई तो उसमें आखिरी लोकेशन यूपी के गोरखपुर में मिली। पुलिस खुशी उर्फ शाहिदा की खोजबीन करते हुए गोरखपुर पहुंच गई। यहां पर पुलिस को पता चला कि एक अज्ञात लाश कुशीनगर के हाटा क्षेत्र में मिली है।
हालांकि, कुशीनगर पुलिस ने शाहिदा बानो से खुशी तिवारी और कौशल कुमार से संदीप कुमार बने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। साथ ही कपल की मदद करने वाले शमसुद्दीन अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया है।