हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की सैंज घाटी के जीवानाला में बादल फटने से आई बाढ़ से क्षेत्र में तबाही मच गई। जीवानाला से लेकर लारजी तक सात पैदल पुल बह गए। चार मकानों के साथ तीन लोग भी बाढ़ की चपेट में आ गए। पहले जीवानाला पर पंचायत की ओर से बनाए तीन पैदल पुल बह गए, उसके बाद सैंज नदी में रोपा, नूनू नाही, करटाह, सतेश आदि स्थानों में भी पुल बह गए हैं। इससे क्षेत्र के लोगों का संपर्क टूट गया है। इस दौरान बिहाली में चार मकान भी बाढ़ की भेंट चढ़ गए हैं। इनमें तीन लोग भी चपेट में आए हैं। यहां लोगों की जमीन भी नदी में आई बाढ़ से तहस-नहस हो गई है। सिउंड के पास एनएचपीसी कॉलोनी में पानी घुस गया। एक अस्थायी दुकान भी बहने की सूचना है। सिंउड के पास मार्ग को भारी क्षति पहुंची है, जिससे आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ गई है। सैंज के पास एक माल वाहक भी सड़क से बहता नजर आया। उधर, बंजार के हुरनगाड में भी पुलिया बह गई है। इससे क्षेत्रवासियों का संपर्क कट गया है।
बादल फटने से सोलंगनाला के समीप बहने वाले अंजनी नाला के उफान पर आने से व्यास नदी का जल स्तर बढ़ गया। बाहंग में चार दुकानें व्यास के बहाव में बह गई है। प्रशासन ने एहतिआत के तौर पर बाहंग में नदी तट पर बसे लोगों को मकान और दुकाने खाली करने के आदेश दिए हैं। बताया जा रहा है कि अंजनी नाला में बादल फटने या गलेशियर टूटने से अचानक जलस्तर बढ़ा। आप को बता दें कि इस घटने पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बयान दिया।
सैंज घाटी में बादल फटने के बाद तीन लोगों के लापता होने पर कुल्लू डीसी तोरुल एस रवीश ने कहा, "हाल ही में मनाली के ऊपरी इलाकों में बारिश हुई थी, जिसके कारण नदी में जल स्तर बढ़ गया था। इसके परिणामस्वरूप कुल्लू में चार दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। सैंज में बादल फटने की घटना हुई, जिसमें पांच घर क्षतिग्रस्त हो गए और तीन लोग लापता हैं। 2023 में आई आपदा में आधे बाजार का नामोनिशान मिट गया था। इस बार भी पिन पार्वती नदी का रौद्र रूप था। हालांकि, तीन दिन पहले जलशक्ति विभाग की ओर से पार्वती नदी के किनारे लगाई सुरक्षा दीवार सैंज बाजार के लिए ढाल बनी। दूसरी तरफ भी इसी तरह की दीवार लगाई है। बरसात की शुरुआत में बादल फटने और जिले के नदी-नालों में बाढ़ जैसे हालत होने से लोग सहम गए हैं। नदी में आई बाढ़ से सैंज बाजार के दूसरी तरफ अस्पताल परिसर और लोगों के घरों में मलबा घुस गया।