स्राइल के हमलों के बाद ईरान में तबाही का मंजर बना हुआ है, चार दिनों की लड़ाई में ही ईरान को अहसास हो गया है कि युद्ध में सिवाय बर्बादी के और कुछ हासिल नहीं होगा। ऐसे में ईरान ने संघर्षविराम की कोशिशें शुरू कर दी हैं। ईरान की सरकार ने अरब देशों से अपील की है कि वे अमेरिका से बात करें और युद्धविराम के लिए इस्राइल पर दबाव बनाएं।
ईरान इस्राइल संघर्ष शुरू होने के बाद से ही अरब देशों के नेता और राजनयिक एक दूसरे के संपर्क में हैं और इस संघर्ष को बढ़ने से रोकने की कोशिशों में जुटे हैं। अरब देशों को डर है कि अगर इस संघर्ष को जल्द ही नहीं रोका गया तो यह नियंत्रण से बाहर जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान संघर्षविराम के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम से भी समझौता करने के लिए भी तैयार है। कतर, ओमान और सऊदी अरब ने अमेरिका से अपील की है कि वे इस्राइल पर संघर्षविराम के लिए दबाव बनाएं।
इस्राइली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और पश्चिम एशिया के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ से बात की है और उन्हें ईरान की सरकार के साथ परमाणु समझौते पर बात शुरू करने का निर्देश दिया है। अमेरिका को लगता है कि संघर्ष के चलते ईरान कमजोर स्थिति में है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन ने समझौते पर बातचीत की कोशिश शुरू कर दी है।